5 माह बाद भी सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को नहीं मिली निशुल्क यूनिफॉर्म

Dr. CHETAN THATHERA
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भीलवाडा/ निवर्तमान राजस्थान सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यनरत कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म(ड्रेस) देने की घोषणा पिछले बजट में ही की थी और पिछले शैक्षणिक सत्र में भी विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म दी गई थी।

लेकिन इस नए क्षेत्र सत्र के पांच महा बीत जाने के बाद भी अभी तक विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म नहीं दी गई है ।

विद्यार्थी निशुल्क यूनिफॉर्म का इंतजार कर रहे हैं और यूनिफार्म के अभाव में बिना यूनिफार्म के ही स्कूल आने पर विवश है इस बार सरकार ने दो यूनिफॉर्म प्रत्येक विद्यार्थी को देने की घोषणा की थी ।

शिक्षण सत्र 2023-24 में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों को दो यूनिफॉर्म का कपड़ा निशुल्क मिलेगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने यूनीफॉर्म के कपड़े की आपूर्ति का जिम्मा एक निजी फर्म को सौंपा है। यह फर्म ब्लॉक स्तर पर इसकी आपूर्ति करेगी।

राज्य सरकार की घोषणा के अनुसार राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी से आठवीं तक पढ़ने वाले, संस्कृत शिक्षा, महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म मिलेगी। विवेकानंद मॉडल स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इन स्कूलों की यूनिफॉर्म अलग होने के कारण 651.25 रुपए प्रति विद्यार्थी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर किए जाएंगे।

जबकि सामाजिक न्याय तथा अधिकारिता विभाग, जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग की ओर से संचालित केंद्रों में नामांकित विद्यार्थियों को अन्य योजना में निशुल्क यूनिफॉर्म मिलने के कारण निशुल्क यूनिफॉर्म का वितरण नहीं किया जाएगा। 

यूनिफॉर्म कपड़े की गुणवत्ता निर्धारित मानदंडों के अनुसार है या नहीं इसकी जांच के लिए ब्लॉक अधिकारी 3 नमूने रखेंगे। इनमें से दो नमूने स्कूल शिक्षा परिषद को तथा एक नमूना अपने कार्यालय में सील कर रखेंगे।

आठवीं तक नामांकित सभी पात्र विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म सिलाई के लिए 200 रुपए का भुगतान, जनआधार अधिप्रमाणित खाते में सीधा किया जाएगा। विद्यार्थियों को दो यूनिफॉर्म का कपडा एक साथ मिलेगा जिसे सिलाई के समय माप के अनुसार काट कर सिलाई की जाएगी।

विभाग और सरकार ने आदेश तो जारी कर दिए और किसी निजी कंपनी को भी इसका ठेका दे दिया लेकिन आश्चर्य की बात है कि इस नए शैक्षणिक सत्र के 5 महीने बीत जाने के बाद भी अभी तक यूनिफॉर्म का कपड़ा विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचा है और अभी भी ऐसी संभावना है कि दिसंबर का महीना पूरा निकल सकता है ।

ऐसे में 6 महीने बीत जाने के बाद बच्चों को यूनिफॉर्म का कपड़ा देना और फिर उसकी सिलाई करवा कर फिर यूनिफॉर्म तैयार होने पर पहनकर स्कूल जाना 6 महीना भी जाने के बाद अगर विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म मिलती है तो उसका क्या औचित्य है ? 

इनकी जुबानी

चुनाव के आचार संहिता से पहले 500 विद्यार्थियों के यूनिफॉर्म का कपड़ा जिला स्तर पर आया था जिसे वितरित कर दिया गया है जिले में 1 लाख 86 हजार से अधिक कक्षा 1 से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों का नामांकन है अब नए शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यार्थियों की यूनिफार्म का कपड़ा सीधे ब्लॉक स्तर पर वितरित होगा ।

योगेश पारीक कार्यवाहक जिला शिक्षा अधिकारी एवं एडीपीसी समग्र शिक्षा भीलवाड़ा।

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चेतन ठठेरा ,94141-11350 पत्रकारिता- सन 1989 से दैनिक नवज्योति - 17 साल तक ब्यूरो चीफ ( भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़) , ई टी राजस्थान, मेवाड टाइम्स ( सम्पादक),, बाजार टाइम्स ( ब्यूरो चीफ), प्रवासी संदेश मुबंई( ब्यूरी चीफ भीलवाड़ा),चीफ एटिडर, नामदेव डाॅट काम एवं कई मैग्जीन तथा प समाचार पत्रो मे खबरे प्रकाशित होती है .चेतन ठठेरा,सी ई ओ, दैनिक रिपोर्टर्स.कॉम