कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारी मांगो को लेकर किया प्रदर्शन

Employees Federation demonstrated on the demands of employees

भीलवाड़ा /अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ भीलवाड़ा ने प्रदेश व्यापी आह्वान पर लम्बित कर्मचारी मांगो को लेकर जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा अपने संवर्ग के हितार्थ किए जा रहे।

आंदोलन पर बेरुखी अपनाई जा रही है, और विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा कैडर के हितार्थ सरकार के ध्यानाकृष्ण के किए जाने वाले गांधीवादी आंदोलनों को भी सरकार द्वारा राज द्रोह मानकर कर्मचारियों के आंदोलनों को झूठे समझोते पत्र तथा संवाद हीनता और नो वर्क नो पे जैसे अलोकतांत्रिक हथियारो का उपयोग कर दबाने का प्रयास किया जा रहा हैै।

जिला मंत्री शिव सिंह चौहान ने बताया की मांग पत्र पर सरकार संवाद हीनता बनाए हुए है, इसके प्रथम चरण में आज प्रदेश व्यापी आह्वान पर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राज्य के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम जिला कलेक्टर आशीष मोदी को ज्ञापन दिया।

प्रदर्शशन से पहले सभी कर्मचारी नेताओं ने जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारस कुमावत ने आगामी होने वाले आंदोलन में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रदर्शन के दौरान शारीरिक शिक्षक संघ के सुनील खोईवाल, शिक्षक संघ (प्रगतिशील) से अशोक जीनगर, पशुपालन संघ से भेरूलाल जोशी, कानूनगो संघ से शिवेंद्र पारीक, वन विभाग से देव कृष्ण दरोगा,

कृषि पर्यवेक्षक संघ से दीपक भारद्वाज, सहायक कर्मचारी संघ से रघुनाथ शर्मा, ग्राम विकास अधिकारी संघ से रामभंवर सिंह, आर्युवेद विभाग से मनोज बांगड़, पटवार संघ से संदीप सिंह, सूचना सहायक संघ से नरेंद्र सिंह,ललित जोशी, घनश्याम टेलर, अंगवीर पानगडीया आदि उपस्थित रहे।

यह है मुख्य मांगे :–

1:–कर्मचारियों की वेतन विसंगति दूर कर वर्ष 2013 की अनुसूची 5 के अनुसार सातवें वेतन आयोग में वेतन निर्धारण किया जावे।
कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 26000 किया जावे ।
2:– 9,18 एवं 27 वर्ष की सेवा पर एसीपी के स्थान पर 7,14,21, एवं 28 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति पद का वेतनमान स्वीकृत किया जावे।
3:–विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा किए गए समझौतों एवं सहमतियों को लागू किया जावे ।
4:– सहायक कर्मचारियों को एमटीएस घोषित किया जावे।
5:– नियमित पदों पर संविदा कार्मिकों के भर्ती के लिए जारी संविदा नियम 2022 को प्रत्याहारित कर रिक्त पदों पर नियुक्त संविदा कार्मिकों / अस्थाई कार्मिकों को नियमित किया जावे।
6:– जनवरी 2019 से जून ,2021 तक का महंगाई भत्ता स्वीकृत किया जावे।
7:– प्रदेश में लागू की गई पुरानी पेंशन योजना के पश्चात कर्मचारियों के एनपीएस में कटौती की गई राशि जी पी एफ खाते में स्थानांतरित की जावे तथा कर्मचारियों द्वारा लिए गए ऋण की वसूली के जारी आदेशों को प्रत्याहारित किया जावे।
8:– प्रदेश के मंत्रालयिक कर्मचारियों को शासन सचिवालय के समान वेतन भत्ते स्वीकृत किए जावे।
9:– कर्मचारी संगठनों के धरना प्रदर्शन पर रोक के लिए सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक निर्णय कर जारी किए गए नो वर्क नो पे के आदेश दिनांक 05.10.2018 को प्रत्याहरित किया जावे।
10:- पुलिस सेवा के कार्मिकों एवं आपातकालीन सेवा के कर्मचारियों को सप्ताहिक अवकाश देना सुनिश्चित किया जाए एवं इनका कार्यशील समय निर्धारित किया जावे। पुलिस कार्मिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए उचित मंच / प्राधिकरण की पारदर्शी व्यवस्था की जावे।