भीलवाड़ा यूआईटी चैयरमेन की ताजपोशी का काउनडाउन शुरू,कौन बैठेगा कुर्सी पर ,जानें

bhilwara UIT

भीलवाड़ा/ राजस्थान में सत्ता परिवर्तन के साथ ही भीलवाड़ा नगर विकास न्यास में चेयरमैन के पद को लेकर लंबे समय से इंतजार और कयासों का दौर चल रहा था सबकी निगाहें यूआईटी के चेयरमैन पद पर टिकी है की आखिर कौन बनेगा चेयरमैन ।

सूत्रों की मानें तो लेकिन अब यह इंतजार की घड़ियां समाप्त होती नजर आ रही है और यूआईटी चेयरमैन के लिए काउंटडाउन शुरू हो गया है । यूआईटी चेयरमैन के लिए 6 दावेदार सामने आए हैं इनमें से किसके सिर सेहरा बन सकता है आइए जानते हैं।

सत्ताधारी शीर्ष नेताओं की कल शाम जयपुर में हुई बैठक में बोर्ड और निगमों की खाली पड़े पदों पर नियुक्तियां करने को लेकर मंथन हुआ इसी बैठक में भीलवाड़ा नगर विकास न्यास के चेयरमैन को लेकर भी काफी मंथन हुआ और अंत में यह निर्णय लिया गया कि संभवतया एक माह के अंदर अंदर इन पदों पर नियुक्तियां कर दी जाएगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कल हुई मंथन बैठक में भीलवाड़ा यूआईटी चेयरमैन के पद के लिए चेतन डीडवानिया, ओम नारायणीवाल, मोना रामपाल शर्मा, राजेंद्र त्रिवेदी, हेमेंद्र शर्मा एडवोकेट और अनिल डांगी के नामों पर मंथन हुआ।

इन सभी नामों में नंबर वन पर चेतन डीडवानिया का नाम पर उभर कर सामने आया तो दो दूसरे नंबर पर युवा चेहरे के रूप में एडवोकेट हेमेंद्र शर्मा का नाम पर काफी मंथन हुआ।

चेतन और राजेन्द्र

रायपुर सहाड़ा विधानसभा के उपचुनाव के दौरान विधानसभा के प्रभारी वे तत्कालीन चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा तथा कांग्रेस के आला नेताओं ने चेतन डीडवानिया और राजेंद्र त्रिवेदी को आने वाले समय में बड़े पद की जिम्मेदारी का आश्वासन दिया था । राजेंद्र त्रिवेदी तो टिकट के लिए उम्मीदवार थे और दिवंगत कैलाश त्रिवेदी के सगे भाई राजेंद्र त्रिवेदी ने तो बघावत भी कर दी थी तब आला नेताओं ने उन्हें मनाया और आश्वासन दिया था कि उन्हें संभवतया यूआईटी का चेयरमैन बनाकर इसकी पूर्ति की जाएगी और इसी तरह का आश्वासन चेतन डीडवानिया को भी दिया गया था पर अब क्योंकि रघु शर्मा राजस्थान की राजनीति से एक तरह से साइड हो गए हैं और अब वह इस में कोई रुचि भी नहीं ले रहे हैं इससे राजेंद्र त्रिवेदी का तो पक्ष कमजोर हो गया है ।

परंतु चेतन डीडवानिया भीलवाड़ा की राजनीति में बने हुए गुट में सभी गुटों में सर्वमान्य हैं वह किसी भी एक गुट के साथ ना होकर सब गुट के साथ हैं और यही उनका प्लस पॉइंट है । इसलिए वह यूआईटी चेयरमैन की कुर्सी के दावेदारों में नंबर वन पर चल रहे हैं और इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं की चेतन डीडवाना के नाम पर मोहर लग जाए ।

मोना रामपाल शर्मा

मोना रामपाल शर्मा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और पूर्वी यूआईटी चेयरमैन रामपाल शर्मा की पत्नी तथा काॅन्फेड की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं । कल हुई बैठक में हुए मंथन में यह बात आई की रामपाल शर्मा को सांसद का चुनाव का टिकट दिया गया था और वह 600000 वोटों से हारे थे तथा पार्टी के जिला अध्यक्ष पद पर भी हैं और पूर्व में भी यूआईटी चेयरमैन रह चुके हैं इसलिए उन्होंने अपनी पत्नी मोना शर्मा का नाम आगे किया है और क्योंकि रामपाल शर्मा ब्राह्मण चेहरा होने के साथ साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा वर्तमान में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी के खेमे के माने जाते हैं लेकिन उनके साथ ड्रॉबैक यह है कि रामपाल शर्मा को पार्टी ने दो बार मौके दे दिए हैं इसलिए अब किसी नए चेहरे को मौका दिया जाए ऐसा कल हुई बैठक में मंथन हुआ।

ओम नराणीवाल

नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन ओम नारायणी वाल राजस्व मंत्री रामलाल जाट खेमे के माने जाते हैं और उनके निकटतम भी हैं नारायणीवाल ने विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल डांगी के खिलाफ बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा था और इससे कांग्रेस प्रत्याशी डांगी की जमानत जप्त हो गई थी ।

इस खाई को ओम नारायणीवाल ने राजस्व मंत्री रामलाल जाट के जरिए भरते हुए पार्टी में पुनः वापसी की थी और नगर परिषद चुनाव में पार्टी ने उन्हें वापस चेयरमैन पद के रूप में चेहरा सामने करते हुए एक मौका दिया था लेकिन परिषद के चुनाव में कांग्रेस बहुमत नहीं ला सकी पार्टी ने तो ओम नारायणीवाल को एक मौका दिया था लेकिन वह यहां कामयाब नहीं हो पाए यह उनके लिए माइनस पॉइंट रहा।

अनिल डांगी

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अनिल डांगी को पार्टी ने विधानसभा चुनाव में मौका दिया था लेकिन वह सफल नहीं हुए इससे पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुके थे यही नहीं कांग्रेस पार्टी ने पूर्व के नगर परिषद चुनाव में चेयरमैन पद के रूप में अनिल डांगी की पत्नी को मौका देते हुए मैदान में उतारा था और यहां भी उनको सफलता नहीं मिली थी कल हुई बैठक में मंथन के दौरान यही बात सामने आई कि डांगी को पहले भी मौके दिए जा चुके हैं।

हेमेंद्र शर्मा एडवोकेट

हेमेंद्र शर्मा एडवोकेट ब्राह्मण वर्ग से एक युवा चेहरा है और शर्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी के खेमे से जाने जाते हैं । मंथन के दौरान यह बात सामने आई कि आने वाले विधानसभा चुनाव में तथा भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से जहां सर्वाधिक मतदाताओं की संख्या ब्राह्मण हैं ऐसे में ब्राह्मण मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए एक नए एवं युवा ब्राह्मण चेहरे को मौका दिया जाना चाहिए।

सूत्रों का कहना है कि कल हुई मंथन बैठक में इन सभी नामों पर मंथन हुआ और इनमें सबसे नंबर वन पर चेतन डीडवानिया बने हुए हैं और संभवतया एक माह के दौरान भीलवाड़ा यूआईटी चेयरमैन के पद पर मनोनयन हो सकता है ?

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