भीलवाड़ा में यूआईटी का मुआवजा मामला – जांच कमेटी लीपापोती का खेल

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Bhilwara News । नगर विकास न्यास (यूआईटी ) में हरदेव जोशी नगर योजना के तहत पंचवटी विस्तार योजना में दिए गए मुआवजे में गड़बड़झाला मामले में ठंडे छींटे डालने के लिए या इसे यों कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मामले में लीपापोती करने की कवायद जांच कमेटी बनाकर शुरू हो गई है जो जांच कमेटी बनाई गई है वह स्वयं संदेह के दायरे में है।

यूआईटी के तत्कालीन प्रशासक एवं जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट के कार्यकाल के दौरान हरिदेव जोशी नगर योजना और ट्रांसपोर्ट नगर पटेल नगर विस्तार योजना में मुआवजा की जो बंदरबांट शहर के नामी-गिरामी प्रॉपर्टी डीलर या यूं कहें रियल एस्टेट कारोबारी जिनमें एक यूआईटी के पूर्व वीआरएस लेने वाले कार्मिक सहित ने बंदरबांट का खेल खेला इन रियल स्टेट के कारोबारियों में से एक कारोबारी तो सीधी सरकार चाहे भाजपा की हो या कांग्रेस की यूडीएच मंत्री से दखल रखते हैं और इन्होंने बहुत ही कम समय में रियल एस्टेट में एक एंपायर खड़ा कर दिया है इस मुआवजा की बंदरबांट में इनके साथ एक और कारोबारी जो माहेश्वरी समाज से विलोम करते हैं जिनसे जुडे दो युवा दलालो ने अपने आकाओं के इशारे पर फैक्ट्री मे काम करने वाले कुछ मजदूरो को एकत्र करके नौंटकी के रूप मे जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया बताते है ? जमकर खेल खेला और इस गड़बड़ झाले का खुलासा जिला कलेक्टर एवं प्रशासक शिव प्रकाश एम नाकाते द्वारा पकड़े जाने के बाद सबसे पहले दैनिक रिपोर्टर डॉट कॉम ने उजागर किया था और लगातार दो दिन तक इस संदर्भ में जानकारी भी प्रसारित की थी ।। अब दीपावली त्यौहार खत्म हो जाने के बाद यूआईटी के प्रशासक और जिला कलेक्टर शिव प्रकाश एम नकाते ने एक 5 सदस्य कमेटी गठित कर इसकी जांच शुरू करवाई है ।

जांच कमेटी सवालो के घेरे मे

इस पांच सदस्य जांच कमेटी में जिन अधिकारियों को शामिल किया गया है उन अधिकारियों में दो अधिकारी तो यूआईटी के पूर्व कार्मिक रह चुके हैं और वर्तमान में नगर परिषद में है तथा इनमे से एक पुनः आगामी दिनों में नगर विकास न्यास में अपनी नियुक्ति कराने की जुगत में हैं और उन अधिकारी के बारे मे शहर मे सब जानते है की वह क्या? अब ऐसे में सवाल उठता है की क्या जांच सही हो पाएगी ? कुल मिलाकर इस मामले को जितना तेजी से कलेक्टर नकाते ने उठाया था अब इस पर धीरे-धीरे पर्दा गिरता जाएगा और इसे ढक दिया जाएगा और इसकी शुरूआत हो चुकी है ।

स्वजातीय का बंधन कर गया…

इस मुआवजे के बंदरबांट के खेल में अगुवा रहे या यूं कहें मुख्य भूमिका निभाने वाले रियल इस्टेट के कारोबारी ने सरकार में बैठे विभाग के मंत्री के स्वजातिय होने का बंधन निभाते हुए इस मामले को दबाने के लिए चौखट तक नापी और शहर में बंदरबांट भी की ऐसी चर्चाओं का दौर है ।