भीलवाड़ा में हजरत गुलअली बाबा का तीन दिवसीय उर्स सम्पन्न

Bhilwara news ।  गुल अली बाबा का उर्स रविवार काे प्रांरभ हुवा। पहले दिन बाद नमाज जाेहर गुलमंडी से चादर लाकर आस्थाना आलिया पर पेश की गई। वक्फ कमेटी दरगाह व जायदाद गुलजी पीर ने मजार शरीफ पर चादर चढाकर अकिदत के फूल पेश किए। साथ ही मुल्क की शांति के लिए दुआ की। दुनिया में कोरोना महामारी के खात्मे के लिए दुआ मांगी। बाद नमाज इंशा महफिले मिलाद का प्रोग्राम शुरू हुवा। महफिले मिलाद का आगाज हाफिज अहमद अली अशरफी की तिलावते कुरान से हुआ।

हाफिज आजम कादरी ने बहतरीन नातिया कलाम पेश किया। प्रोग्राम की निजामत हजरत मौलाना इस्राइल निजामी ने की। मौलाना सलीम अकबरी साहब ने तकरीर फरमाई। शकील अहमद नूरी ने खिताब फरमाया। उर्स के दूसरे दिन साेमवार काे बाद नमाज इशां रात आठ बजे कव्वाल सलीम साबरी ने आस्ताना आलिया पर हाजरी देकर कलाम पेश किया।

मैं तो आशिके नबी हूं…, मैं हू ख्वाजा का दीवाना…, मेरे पीर की चिट्ठी आई है…और मेवाड़ का राजा दीवाना….कलाम पेश किए। आज तीसरे दिन कुल की रस्म अदा की गई जहाँ पर रंग पढ़ा गया, कुल की फातिहा के साथ आज उर्स का समापन हुवा, फातिहा में पूरे मुल्क के लिए दुवा की गई।

कुल की रस्म में कमेटी के सदर हाजी पीर बक्स मंसूरी, अब्दुल अजीज डबगर, सेक्रेटी मोहम्म्द युसूफ रंगरेज, अब्दुल मुकीम काजी, हाजी मुस्ताक अहमद शेख, सोहराब मंसूरी, मुश्ताक अहमद डबगर, अब्दुल मुतलिब, जाकिर हुसैन अंसारी, रशीद अंसारी, हाजी अब्दुल रहमान रंगरेज, मोहम्मद इकबार मंसूरी, अनवर हुसैन, युसूफ नीलगर ने शिरकत की। सभी कार्यक्रम केंद्र व राज्य सरकार की गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए किया गया।इसी के साथ आज उर्स का समापन हुवा।