भीलवाड़ा विस उपचुनाव – देवर-भाभी में खींचातान, भाजपा असमंजस में,बिगडेंगे जीत के समीकरण

Bhilwara ।भीलवाड़ा जिले की रायपुर सहाड़ा विधानसभा के उपचुनाव को लेकर रणभेरी बज चुकी है और आज से ही अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है । लेकिन प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल प्रत्याशियों को लेकर माथापच्ची कर रहे हैं और एक राय अभी तक नहीं हो पाई है।

कांग्रेस में जहां देवर भाभी के बीच टिकट को लेकर खींचतान चल रही है तो वहीं दूसरी और भाजपा असमंजस की स्थिति में है कि किस पर दांव खेला जाए जाट पर या महाजन पर लेकिन इतना तो तय है इस बार भी रायपुर सहाड़ा विधानसभा के चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी दोनों ही दलों की गणित को बिगड़ेगा।

विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर जहां तक बात है वहां सत्तापक्ष कांग्रेस तीनों ही विधानसभाओं में उपचुनाव में दिवंगत विधायकों के परिजनों को मैदान में उतारने का मानस बना चुकी है लेकिन भीलवाड़ा कि रायपुर सहाड़ा विधानसभा में कांग्रेस प्रत्याशी चयन को लेकर खींचातानी चल रही है ।

दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी के भाई राजेंद्र त्रिवेदी भी अपना पूरा दमखम लगाते हुए टिकट पाकर सत्ता के गलियारे का सुख भोगना चाहते हैं तो वहीं दूसरी ओर दिवंगत विधायक की पत्नी गायत्री देवी भी अब चुनाव मैदान में उतर कर राजनीति में अपना भविष्य आजमा ते हुए विधानसभा के गलियारे तक जाना चाहती हैं ।

जबकि पहले दिवंगत विधायक के तीन पुत्रों में से एक को टिकट देने के लिए दिवंगत विधायक की पत्नी पैरवी कर रही थी तो साथ ही देवर को भी टिकट दिया जाए इस पर भी वह सहमत थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से बदले समीकरण के बाद अब दिवंगत विधायक की पत्नी गायत्री देवी भी मैदान में उतरने को आतुर है तो उनका भाई राजेंद्र त्रिवेदी भी और दोनों ही देवर भाभी में टिकट पाने की लालसा और टिकट को लेकर चल रही खींचतान के चलते प्रदेश कांग्रेस कमेटी निर्णय नहीं कर पा रही है कि किसको मैदान में उतारे इससे कांग्रेस की इस सीट पर अपना दावा बरकरार रहे सूत्रों के अनुसार कल देर रात तक दिवंगत विधायक की पत्नी गायत्री देवी और उनके पुत्र जयपुर में डटे रहे।

दूसरी ओर विपक्षी दल भाजपा अब इस उपचुनाव में इस सीट पर अपनी विधानसभा चुनाव में हारी हुई बाजी वापस हासिल करते हुए जीतना चाहती है और इसके लिए चुनाव मैदान में किसको उतारा जाए अभी तक पार्टी आलाकमान एकमत नहीं हो पाया है।

जहां पिछला चुनाव हारे रूप लाल जाट भी टिकट की दावेदारी में एक बार फिर शामिल हैं तो वहीं दूसरी ओर पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट का त्याग करने वाले पूर्व विधायक एवं मंत्री डाॅ रतन लाल जाट उनके भाई डॉक्टर बालूराम जाट तथा उद्योगपति और पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को हराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लादू लाल पितलिया भी प्रमुख दावेदार हैं और पितलिया को तो बकायदा जयपुर में हाल ही भाजपा में शामिल किया गया था । भाजपा आलाकमान असमंजस में है किस को मैदान में उतारे तो वही भाजपा कांग्रेस प्रत्याशी के नाम की घोषणा का भी इंतजार कर रही है ।

पितलिया कर सकते बगावत

अंदरखाने की खबर के अनुसार अगर भाजपा पितलिया को प्रत्याशी नहीं बनाती है तो पितलिया एक बार फिर बगावत करते हुए चुनाव मैदान में उतर सकते हैं ?

बेनीवाल जाट या गुर्जर को उतारेंगे मैदान मे

दूसरी ओर इस उपचुनाव में तीसरे प्रत्याशी के रूप में हनुमान बेनीवाल अपनी पार्टी आरएलपी के प्रत्याशी को भी मैदान में उतारे गा बेनीवाल भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित होने का इंतजार कर रहे हैं उसके बाद मैं अपना प्रत्याशी घोषित करेंगे बेनीवाल जाट या गुर्जर जाति से चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारेंगे ।