भीलवाड़ा सहाडा विस उपचुनाव- कांग्रेस अगर यह करे तो जीत सकती है…

Agnipath Protest: Congress is not getting the support of Agniveers in protest against Agneepath

भीलवाड़ा।जिले की रायपुर सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की निर्वाचन आयोग द्वारा घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलो मे जोश आ गया है और सक्रियता तेज हो गई है लेकिन प्रत्याशी चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में मंथन का दौर और टिकट चाहने वालों की जोर आजमाइश के बाद आज तक दोनो ही दल किसी एक नाम पर सहमत नही हो पाए है । भाजपा जहां इस खोई हुई सीट को वापस हथियाना चाहती है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहने के साथ ही कांग्रेस की प्रतिष्ठा भी इस सीट पर दांव पर लगी है । कांग्रेस जहां सहानुभूति की लहर को ध्यान में रखते हुए दिवंगत कांग्रेसी के विधायक कैलाश त्रिवेदी के परिजनों में से किसी एक को टिकट देने पर मंथन कर रही है जो कांग्रेस के लिए आत्मघाती भी सकता है ।

टिकट के दावेदार कौन-कौन

कांग्रेस –  कांग्रेस से दिवगंत विधायक कैलाश त्रिवेदी के परिवार से उनकी पत्नी गायत्री देवी बडा पुत्र संदीप , मझला रणदीप और सबसे छोटा जयदीप तथा स्वर्गीय कैलाश जी का छोटा भाई राजेन्द्र त्रिवेदी इनके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रहे दिवगंत रामपाल उपाध्याय के छोटे भाई नारायण उपाध्याय की पत्नी ज्योति और कांग्रेस के जमीनी तथा वरिष्ठ नेता श्याम पुरोहित है ।

भाजपा- पूर्व विधानसभा का चुनाव हारे रूप लाल जाट , पूर्व मंत्री और बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष डाॅ रतन लाल जाट तथा समाज सेवी तथा निर्दलीय विधानसभा का चुनाव लड भाजपा प्रत्याशी रूप लाल जाट को हराने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और हाल ही मे भाजपा मे शामिल हुए लादू लाल पितलिया

 

क्या है आतंरिक रिपोर्ट, अगर इसको प्रत्याशी बनाया जाए तो कांग्रेस पुनः सीट जीत सकती है नही तो…

कांग्रेस मे दिवगंत विधायक त्रिवेदी के परिवार मे टिकट को लेकर एकमत नही है स्वर्गीय कैलाश जी की पत्नी गायत्री देवी चाहती है की उनके बेटो मे से किसी एक को टिकट मिले भाई राजेन्द्र को नही । दूसरी और पार्टी की रिपोर्ट तथा सरकारी स्तर पर आतंरिक रिपोर्ट के अनुसार जो आलाकमान तक पहुंची है उसके अनुसार अगर दिवगंत त्रिवेदी परिवार को सहानुभूति की लहर के आधार पर टिकट दिया जाता है तो कांग्रेस पार्टी यह सीट गंवा सकती है । अब विकल्प के रूप मे किसी ब्राह्मण को टिकट देना है तो नारायण उपाध्याय की पत्नी ज्योति और जमीनी कार्यकर्ता श्याम पुरोहित है नारायण उपाध्याय की बात की जाय तो पिछले लंबे समय से पार्टी मे उनकी सक्रियता कम हुई है और पुरोहित लगातार सक्रिय है अपनी पकड बनाए हुए है ।

इन सबको को दरकिनार कर अगर कांग्रेस इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखना चाहती है तो इस विधानसभा क्षेत्र से बाहर के व्यक्ति को मैदान मे उतरना चाहिए और आकलन व समीकरण से अगर कांग्रेस राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डाॅ सी पी जोशी के पुत्र को मैदान मे उतरती है तो इस नाम पर गंगापुर के कांग्रेस नेता सहित जिले के सभी कांग्रेस नेता एकमत हो सकते है और सभी एकजुट होकर जोशी के पुत्र को जीतने मे जुट जाऐगे और कांग्रेस यह सीट एक बार पुनः आसानी से जीत सकती है सामने भाजपा की और से कोई भी खडा हो लेकिन डाॅ जोशी के पुत्र के अलावा किसी और को मैदान मे उतारा तो कांग्रेस यह सीट गंवा देगी ।

भाजपा मे बात की जाए तो भाजपा जातिगत समीकरण को ध्यान मे रखते हुए किसी जाट को ही टिकट देगी ऐसे मे पूर्व मंत्री डॉ रतन लाल जाट।तथा पिछला विस चुनाव10 हजार से कम अंतर से चुनाव हारे रूप लाल जाट है इन दोनो जाट बंधुओ मे से वर्तमान हालात के मद्देनजर रूपलाल जाट निकालने या कांग्रेस को टक्कर देने मे अधिक सशख्त है लेकिन सभंवतया भाजपा इस बार पितलिया पर दाव खेल सकती है ।

 

रायपुर- सहाडा विधानसभा मे कितने मतदाता और किस जाति के कितने

 

कुल मतदाता–2 लाख 47400

ब्राह्मण–35500
जाट–32000
गाडरी– 23000
भील–16000
मुस्लिम– 14000
माली— 14000
कुमावत–12000
बैरवा–9000
महाजन-8000
साल्वी–5500
कालबेलिया–5000
रावणा(दरोगा)5500
राजपूत– 4000
लौहार–2000
सुथार– 2200
तेली– 4000
रेगर–3000
खटीक– 4000
जीनगर–1500
दर्जी–1000
कलाल– 1000
हरिजन–1500
बंजारा–2500
सुनार–500
रेबारी–1500
वैष्णव–1500
अन्य–5800

नोट– जातिगत मतदाता की संख्या अनुमानित है । कृपया इस खबर की कापी न करे अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी कष्ट के लिए क्षमा ।