भीलवाड़ा पुलिस ने मंदिरो में चोरी करने वाली अन्तरराज्यीय चोर गैंग का किया खुलासा

Bhilwara।भीलवाडा जिले की पुलिस ने मंदिरो मे चोरी करने वाली अन्तरराज्यीय चोर गैंग का खुलासा करते हुए मुख्य सरगना व एक बालक सहित 3 जनो को गिरफ्तार कर लिया है ।जिले के गंगापुर प्रसिद्ध तीर्थ स्थल जगदीश भगवान मंदिर में 26 फरवरी को अज्ञात चोरों द्वारा पुजारी को बंधक बनाकर मारपीट कर करीब 30 किलो चांदी, 38 ग्राम सोने के आभूषण मंदिर से चुराके ले गए।

इस घटना का खुलासा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने रायपुर थाने में मीडिया से बातचीत करते हुए जगदीश मंदिर में हुई चोरी की घटना का खुलासा किया। पुलिस ने चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड आसाराम पिता लालाराम गरासिया, काला राम पिता नेनाराम गरासिया निवासी कोलवाव पाटिया की ढाणी, पुलिस थाना नाना, जिला पाली को गिरफ्तार किया वही सरमाराम पिता सूरज राम गरासिया निवासी पाली को निरुद्ध किया। टीम ने 4 दिन में कर दिया चोरी की वारदात का खुलासा

जंगल में मिले थे चुराए आभूषण

पुलिस टीम द्वारा आसपास क्षेत्र में सघन अभियान चलाया गया। जिससे कुछ आभूषण जंगल मे मिले। मौके पर शराब के खाली पवे मिले, खाली पवो के बेच नंबर से ठेके का पता लगाकर अज्ञात बदमाशों का हुलिया, वाहन की जानकारी की गई। समूचे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरा को खंगाला गया। 20 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। अपराधियों व संदिग्धों के संभावित रूट की जानकारी ली गई।मंदिर निर्माण में काम कर चुके 200 से अधिक मजदूरों से पूछताछ की गई। क्षेत्र में आपराधिक प्रवृत्ति के 100 बदमाशों से पूछताछ की गई। मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को चिन्हित किया गया। उनके संपर्क में रहने वाले अपराधियों से मंदिर की घटना के दौरान उपस्थित व्यक्तियों को चिन्हित किया गया। उक्त घटना को अंजाम देने वाले बदमाश पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र की सूचना प्राप्त हुई। टीम पाली जिले के नाना थाना क्षेत्र में गई। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी जिन का आपराधिक रिकॉर्ड प्राप्त किया तो अपराधी शातिर निकले।

बचाने के लिए करते थे कच्चे रास्ते का उपयोग

अपराधी काफी मात्रा में मदिरा सेवन कर देर रात्रि तक इंतजार करते रहे। वारदात को अंजाम देने के पश्चात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग बॉक्स को साथ ले जाकर क्रश कर देते हैं। घटनास्थल से चुराए हुए सामान को सुनसान जगह पर छुपा देते हैं। कुछ दिन रुक कर चुराए सामान को ले जाकर सुनार को बेच देते हैं। गिरफ्तार आसाराम गरासिया शातिर नकाब जन है। इसके विरूद्ध कई जिलों के थानों में 20 से अधिक मुकदमे दर्ज है। अधिकतर प्रकरण मंदिर में चोरी के हैं।

एक महीने से रेकी कर रहे थे

घटना करने के लिए रुकने का स्थान, मंदिर में प्रवेश करने, घटना के उपरांत निकलने का मार्ग, चोरी किए गए सामान को छुपाने की जगह पूर्व में निर्धारित कर ली गई थी। पुलिस द्वारा मार्गों पर नाकाबंदी की जा सकती है। कच्चे रास्तों से बचकर निकलने के लिए पूर्व में तय कर लिया गया। घटना को अंजाम देने के लिए तीनों मुलजिम एक ही मोटरसाइकिल पर पाली से रवाना हुए। शराब के ठेके से बोतल खरीद रात को मंदिर के पास शराब का सेवन किया। रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पीछे की छत से बांस के सारे मंदिर में उतर कर वारदात को अंजाम दिया। तीन कट्टों में चुराए हुए सामान को भर जंगल में छुप गए। सभी सामान को एक कट्टे में भरने का प्रयास किया। एक मोटरसाइकिल पर तीन व्यक्तियों के साथ इतने सामान को ले जाना संभव नहीं हुआ। रास्ते में पुलिस की नाकाबंदी का डर था। इसलिए 1 घंटे में सामान को भरकर छुपा दिया। बचे हुए सामान को जंगल में छोड़ कर भाग गए। 4 दिन में वारदात का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत करने की घोषणा की गई।

टीम में यह थे शामिल

जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा द्वारा वारदात के खुलासे के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहाड़ा चंचल मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस उपाधीक्षक गोपीचंद मीणा, थाना अधिकारी प्रेम सिंह रायपुर, साइबर सेल भीलवाड़ा की एक स्पेशल टीम का गठन किया गया। जिसमें इंदर सिंह, आशीष कुमार, सत्यनारायण, रज्जाक मोहम्मद, दीपक, सत्यनारायण, प्रदीप, कमलेश, राधेश्याम, मणिराम व संजीव टीम में शामिल थे।