श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 24 स्वरूप ससम्मान गुरुद्वारे में लौटाए महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन के नेतृत्व में निकाली शोभायात्रा

भीलवाड़ा/ विगत दिनों इंदौर में हुई एक घटना के मध्य नजर भीलवाड़ा में अखिल भारतीय सिन्धु सन्त समाज ट्रस्ट की कोर कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयानुसार पवित्र ग्रंथों को सिख गुरुद्वारा को लौटाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया।

पूरे सिंधी समाज ने भी अपने पूज्य संत महापुरुषों का पुरजोर समर्थन किया। महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन ने बताया कि, पंजाब के एक निहंग दल ने इंदौर के सिंधी सनातन मंदिर पहुंचकर गुरु ग्रंथ साहिब को मर्यादा के साथ रखने की बात कही।

निहंग दल का कहना रहा कि गुरु ग्रंथ साहिब गुरुद्वारे में ही रखे जाएं। यदि किसी अन्य धार्मिक स्थान पर रखे जाते हैं तो गुरु ग्रंथ साहिब वाले स्थान पर अन्य किसी की मूर्ति अथवा तस्वीर न हो।

किसी भी सनातनी परम्परा का निर्वहन अपराध माना जाएगा। इंदौर जैसा कोई विवाद न हो, इसलिए भीलवाड़ा में हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंन्दिर के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन के नेतृत्व में संत समाज ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप गुरुद्वारे में सौंपे गये।

शहर के सिंधुनगर में स्थित श्री गोविंद धाम दरबार (निम वाली दरबार) से एकत्रित होकर गुरुद्वारे तक शोभायात्रा निकाली, श्री गुरु ग्रन्थ साहिब के (24) स्वरूप सिख गुरुद्वारा कमेटी को सौंपे गए। महंत गणेश दास व भगवान श्री चंद्र धाम के महंत गुरदास उदासीन का कहना है कि हमारे मंदिरों में पूरे सम्मान के साथ पवित्र ग्रंथों को रखा जाता है और हमारे मन्दिर सनातनी स्वरूप में ही होते है।

मंदिरों में भगवान राम, भगवान शंकर, भगवान गणेश, दुर्गा माँ, भगवान हनुमान, भगवान श्री चंद्र जी, आराध्य देव झूलेलाल और अन्य साधु संतों की मूर्तिया, तस्वीरें, समाधिया भी स्थापित रहती हैं व उनका सेवा पूजन किया जाता है, वहीं अपने सतगुरुओ की मूर्ति का भी पुजन होता है,

ऐसे में कोई विवाद न हो, इसलिए पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहब को सम्मान के साथ बुधवार को लौटाया गया। इस अवसर पर सिंधी सेंट्रल पंचायत और अन्य सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

सनातनी अरदास कर शंख नगाड़ो की ध्वनि और “श्री राम हरे श्रीचन्द्र हरे” संकीर्तन के साथ अत्यंत श्रद्धा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पावन स्वरूप विदा किये गए।

इसमें भीलवाडा, चित्तौड़गढ़, शाहपुरा, बिजौलिया, गुलाबपुरा आदि स्थानों के स्वरूप शामिल है। संत समाज ने गुरुद्वारे में भजन कीर्तन किया।

आज ऐसा दृश्य था की गोविंद धाम दरबार से गुरुद्वारे तक सड़क पर लाल कार्पेट, शंख, नगाड़े व बैंड बाजे, नरसिंगा, गुलाब की पुष्प वर्षा, गुलाब जल का पूरे मार्ग पर छिड़काव किया गया।

राम धुनि लगाते हुए गुरुद्वारे में श्री गुरु ग्रंथ साहिब सुपुर्द किए। इस मौके पर हँसगंगा हरि शेवा भक्त मंडल, श्री गोविंद धाम सेवा मंडल, इच्छापूर्णि दुर्गा माता मंदिर मंडल, श्री चंद्र धाम चित्तौड़गढ़ भक्त मंडल व स्थानीय साध-संगत आदि बड़ी संख्या में गण मान्य लोग मौजूद थे।