state-level health fair concluded in Bharatpur, discussions are going on about the indifference shown by Minister of State for Ayurveda Dr. Subhash Garg towards the fair.
भरतपुर राजस्थान

भरतपुर में चार दिवसीय राज्यस्तरीय आरोग्य मेला का समापन हुआ,आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग की मेले के प्रति दिखाई गई बेरूखी को लेकर चर्चाएं चल रही हैं

भरतपुर (राजेंद्र शर्मा जती )। आयुर्वेद चिकित्सा विभाग द्वारा विशाल चार दिवसीय राज्यस्तरीय आरोग्य मेला का समापन एम एस जे कालेज ग्राउंड में रविवार को किया गया। इस राज्य स्तरीय मेले के समापन के लिए आयुर्वेद राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग एवं उद्योग एवं देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत को आना था लेकिन दोनों में से एक भी मंत्री राज्य स्तरीय मेले के समापन समारोह में चिकित्सकों का उत्साहवर्धन के लिए नहीं पहंुचे।health fair

आयुर्वेद राज्य मंत्री भरतपुर क्षेत्र से ही विधायक हैं और यह मेला भी उनके गृह क्षेत्र भरतपुर शहर में आयोजित हुआ है लेकिन आयुर्वेद राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने उदघाटन फीता काटने के बाद इसकी सुध नहीं ली। जबकि यह मेला चार दिन चला है। आयुष विभाग होने और गृह क्षेत्र होने के बाद भी आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग की मेले के प्रति दिखाई गई बेरूखी को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।

इस मेले में जहां शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के पैंतालीस हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी निभाई हैं। जिसमें आयुर्वेद मंत्री द्वारा इस मेले में रूचि नहीं दिखाई गई।

यही कारण रहा कि उदघाटन के बाद आयुर्वेद राज्य मंत्री डॉ. सुभाष गर्ग एवं उनके करीबी नेता भी मेले में नहीं पहंुचे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव ने कहा कि स्वस्थ जीवन और रोगों के स्थाई उपचार में आयुष पद्धतियों की उपयोगिता बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि ख़ान पान और दैनिक जीवन शैली में योग व्यायाम को शामिल कर बार बार बीमार पड़ने से बचा जा सकता है। इस अवसर पर जिला कलक्टर आलोक रंजन ने कहा कि कोरोना काल में जब उपचार के लिए प्रमाणित दवा नहीं थी तब आयुर्वेद और परंपरागत चिकित्सा व्यवस्था से स्वस्थ रहने की उम्मीदें बनी और सफलता भी मिली।

उन्होंने अच्छे स्वास्थ्य के लिए आयुष पद्धतियों को अपनाए जाने की बात कही। समापन समारोह में आयुष चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ आनन्द शर्मा ने चार दिवसीय राज्य स्तरीय आरोग्य मेला की प्रगति की समीक्षात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि आयुष राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग की पहल पर राज्य स्तरीय आरोग्य मेला का आयोजन भरतपुर संभाग मुख्यालय पर किया गया है।

आरोग्य मेला के मीडिया प्रभारी डॉ चन्द्र प्रकाश दीक्षित ने बताया कि आरोग्य मेला में लगभग पैंतालीस हजार लोगों का आना हुआ जिसमें से 12 हजार 549 से अधिक लोगों को परामर्श के बाद निःशुल्क औषधि उपलब्ध कराया गया। आरोग्य मेला के नोडल अधिकारी डॉ सुशील पाराशर द्वारा मेला के सफल आयोजन हेतु गठित समितियों का आभार व्यक्त करते हुए सभी सहयोगी संस्थाओं को धन्यवाद दिया।

सभी अतिथियों का स्वागत नोडल अधिकारी डॉ सुशील पाराशर एवं सहायक नोडल अधिकारी डॉ महेंद्र गुप्ता द्वारा साफा माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियो का सम्मानित किया गया।

आरोग्य मेला में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, केंद्रीय होम्योपैथी, यूनानी, मोरारजी देसाई संस्थान, राष्ट्रीय औषथ पादप बोर्ड एवं आरोग्य मेला में सेवाएं प्रदान करने वाले अधिकारी कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ कमल चंद्र शर्मा द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन कमलराम मीणा प्रोफेसर महेश दीक्षित यूनानी निदेशक डॉ फैयाद अहमद, आयुष चिकित्सा विभाग के निदेशक डॉ आनन्द शर्मा मेला समन्वयक डॉ अशोक मित्तल अतिरिक्त निदेशक एवं मेला के नोडल अधिकारी डॉ सुशील पाराशर, समाज सेवी राजेश मित्तल, डॉ कमल वशिष्ठ, डॉ लीलाधर लाटा, प्राचार्य एवं अधीक्षक डॉ रीना खंडेलवाल, डॉ शम्भूदयाल शर्मा पूर्व उपनिदेशक, डॉ सतीश पाराशर सहायक निदेशक,

डॉ सतीश लवानियां सहायक निदेशक, डॉ संजीव तिवारी कानून चिकित्सक, डॉ लक्ष्मीनारायण शर्मा संभागीय समन्वयक एवं वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ चन्द्र प्रकाश दीक्षित सहित अनेक चिकित्सा अधिकारी कर्मचारीयों के साथ साथ अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी का आभार व्यक्त नोडल अधिकारी डॉ सुशील पाराशर द्वारा किया गया।

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