भरतपुर

भरतपुर पुलिस ने गेंगरेप केस का खुलासा नही हुआ गेंगरेप

 

भरतपुर (राजेन्द्र जती)। थाना चिकसाना पुलिस ने नाबालिग लडकी के साथ हुये कथित गैंगरेप का खुलासा करते हुए इस मामले में दौसा जिले के एक युवक को गिरफ्तार किया है।
जांच में गैंगरेप की कहानी झूंठी निकली है। इस संबंध में नौंह बछामदी
गांव की एक नाबालिग लडकी द्वारा गैंगरेप का मामला बताने के बाद पुलिस प्रशासन में खलबली मच गई। गैंगरेप की वजह से यह मामला शहर में चर्चित भी रहा लेकिन पुलिस जांच में झूंठा पाये जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।

जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार टांक ने बताया कि 4 जुलाई को गांव नौंह थाना चिकसाना निवासी एक व्यक्ति ने आरबीएम हाॅस्पीटल पर एक रिपोर्ट इसआशय की पेश की कि मेरी नाबालिग लडकी से राज नाम का एक लडका मोबाईल पर वार्ता करता था। जिसने 30 जून की रात्रि को 10 बजे फोन के जरिये मेरी लडकी को बहला फुसलाकर घर से बुलाकर दुष्कर्म कर गांव के बहार सडक पर टेम्पू से पटककर भाग गया। जिस पर पाॅक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान किया गया।

जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सुरेशचन्द खींची के निर्देशन में वृताधिकारी आवडदान रत्नू के निकटतम सुपरवीजन में अनुसंधान थाना चिकसाना के थानाधिकारी श्रवण पाठक द्वारा किया गया जिसमें
विशेष पुलिस कर्मियों की एक टीम गठित की जाकर साईवर सैल के प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की मदद से मोबाईल नम्बर की आईडी व काॅल डिटेल के आधार पर पाया गया कि प्रकाश पुत्र जगदीश जाति मीना निवासी मौलाई थाना सिकन्दरा जिला दौसा ने प्रार्थी की नाबालिग पुत्री को मोबाईल से वार्ता कर अपने प्रभाव में ले लिया था और इलैक्ट्रोनिक साधनों के जरिये नाबालिग लडकी का लगातार पीछा करता रहा।

उन्होंने बताया कि योजना के अनुरूप 30 जून की रात्रि को अपने मित्र को सुरक्षा की दृष्टी से साथ लेकर नाबालिग बालिका को उसके गांव नौंह से भरतपुर बुलाया और स्वयं डहरा मोड के पास रूका रहा। इसी दौरान किसी राहगीर के मोबाईल से लडकी द्वारा आरोपी को फोन किया था। तब तक आरोपी वापिस जा चुका था। उक्त तथ्य की पुष्टी काॅल डिटेल व राहगीरों के कथनों से होती है। उन्होंने बताया कि 30 जून की रात्रि को 12 बजे तक लडकी भरतपुर शहर में मानसिंह सर्किल पर उपस्थित थी उसके बाद पीडिता टेम्पू द्वारा अपने गांव नौंह वापस चली गई।

जहां पर टेम्पू वाले ने टेम्पू को पीडिता के मकान वाली गली पर नही रोककर आगे ले गया। जिससे नाबालिग बच्ची भयभीत होकर चलते हुये टेम्पू से कूद पडी। जिससे उसके शरीर पर चोटें आई। टेम्पू से कूदते समय गांव नौंह के लोगों ने पीडिता को देखा। उस समय रात्रि 12.20 का समय
था। उक्त लोगों द्वारा पीडिता की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी गई। उसी रात्रि पीडिता को उसके परिजनों द्वारा उपचार हेतु राज ट्रोमा अस्पताल भरतपुर में भर्ती करा दिया था, जहां पर पीडिता के सिर में लगी चोट का इलाज हुआ था। उसके तीन दिन बाद परिजनों द्वारा राजकीय अस्पताल भरतपुर में भर्ती कराकर पुलिस को सूचना दी थी।

उक्त प्रकरण में अनुसंधान से आरोपी द्वारा किसी की नाबालिग पुत्री को लगातार इलैक्ट्रोनिक साधनों से पीछा कर व परिजनों की सहमति के बिना बहला फुसलाकर घर से निकालने का अपराध
प्रमाणित पाया जाने पर बाद अनुसंधान उक्त मामले के आरोपी प्रकाशचन्द पुत्र जगदीश मीना उम्र 22 साल निवासी मौलाई थाना सिकन्दरा जिला दौसा को स्पेशल टीम द्वारा दौसा से दस्तयाव कर बाद अनुसंधान गिरफ्तार किया गया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। अनुसंधान से सामूहिक दुष्कर्म का मामला घटित होना नहीं पाया गया है।

liyaquat Ali
Sub Editor @dainikreporters.com, Provide you real and authentic fact news at Dainik Reporter.

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