भरतपुर नये जिला कलक्टर आलोक रंजन ने संभाला पदभार

Bharatpur/ राजेन्द्र शर्मा जती । नये जिला कलक्टर आलोक रंजन ने संभाला पदभार। दोपहर बाद आलोक रंजन पहुंचे जिला कलेक्ट्रेट। एडीएम बीना महावर व रघुनाथ खटीक सहित अन्य अधिकरियो ने किया उनका स्वागत। चार्ज लेने के बाद नए कलक्टर आलोक रंजन ने अधिकरियो कर्मचारियों से की चर्चा। मीडिया से भी की वार्ता। स्वागत करने पहुंचे अधिकारी कर्मचारी।

अभी हाल में राज्य सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के 52 अधिकारियों के ट्रांसफर किए है जिसमें भरतपुर के युवा, तेज तर्रार जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता को जोधपुर का कलक्टर बनाया है जबकि उनके स्थान पर  आईएएस आलोक रंजन को लगाया गया है। गुप्ता के स्थानांतरण का कारण भरतपुर में अच्छा कार्यकाल माना जा रहा है।

माना जा रहा है कि भरतपुर के विधायक एवं आयुर्वेद राज्यमंत्री डा. सुभाष गर्ग जोधपुर एक जिला प्रभारी मंत्री है जोधपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला भी है इसलिए कलक्टर हिमांशु गुप्ता के अच्छे काम की तारीफ मुख्यमंत्री गहलोत तक पहुचती रही है। जिसकी वजह से इस ट्रांसफर सूची में कलक्टर हिमांशु गुप्ता को भरतपुर संभाग से बडे संभाग मुख्यालय जोधपुर की कमान सौंपी है।

गुप्ता अपने तेज तर्रार तरीके और सभी को साथ लेकर चलने की कार्यशैली के साथ ही सरकारी योजनाओं की क्रियांवति पर फोकस के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अच्छे अधिकारियों की सूची में शामिल थे।
भरतपुर में हालांकि पिछले समय से जिला कलक्टरों का कार्यकाल एक साल के आसपास रह रहा है और कई कलक्टर भरतपुर में अच्छा काम करने की वजह से कम समय में ही राजधानी जयपुर के कलक्टर भी बने है जिनमें 1993 में एसएन थानवी को भरतपुर मेें 6 महिने के कार्यकाल के दौरान जिला कलक्टर जयपुर लगाया गया।

इसी प्रकार भरतपुर के युवा कलक्टर डा जोगाराम को अल्पकार्यकाल के दौरान ही अच्छे कार्य की वजह से भरतपुर से सीधे जयपुर राजधानी का जिला कलक्टर बनाया गया था। इसके बाद माना जा रहा है कि हिमांशु गुप्ता को मुख्यमंत्री के गृह जिला जोधपुर में भी अच्छे कार्य, व्यवहार कुशलता की वजह से जोधपुर कलक्टर लगाया गया है।

 

भरतपुर में पिछले छह में कोई भी कलेक्टर सिविल सर्विसेज बोर्ड के मुताबिक तय 3 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं। डॉ. जोगाराम तो तीन महीने ही रुक पाए। जो भरतपुर से ट्रांसफर होकर सीधे जयपुर कलक्टर बने। डॉ. जोगाराम से पहले डॉ. आरुषि मलिक 9 माह, संदेश नायक 7 माह, एलएन सोनी 5 माह, डॉ. एनके गुप्ता डेढ़ साल ही अपना कार्यकाल पूरा कर पाए । नथमल डिडेल का 16 माह में तबादला हो गया और अब आईएएस हिमांशु गुप्ता 9 माह ही भरतपुर रह पाए।