भरतपुर कलेक्टर ने इन्दिरा रसोई में अनियमितता होने पर ठेका निरस्त किया

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Bharatpur News /राजेन्द्र शर्मा जती। भरतपुर में नीमदा गेट स्थित इन्दिरा रसोई संचालक के द्वारा भारी
अनियमितताएं बरतने पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने जांच के बाद रसोई संचालक का ठेका निरस्त कर दिया गया।

भरतपुर शहर में नगर निगम के द्वारा 5 जगहों पर इन्दिरा रसोईयों का संचालन किया जा रहा है। इन इन्दिरा रसोईयों पर नगर निगम के द्वारा मात्र 8 रूपये में लोगों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। 8 रूपये
में 5 चपातिया, दो सब्जियां और अचार उपलब्ध कराया जाता है। इन इन्दिरा रसोईयों का नगर निगम के द्वारा समय समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर रखी जाती है। इस बारे में नगर निगम आयुक्त डा. राजेश गोयल ने बताया कि इन्दिरा रसोई संचालकों को एक व्यक्ति के खाने पर 12 रुपए की दर से अनुदान दिया जाता है। जबकि 8 रुपए भोजन करने वाले व्यक्ति से लेने होते हैं।

उन्होने बताया कि निरीक्षण के दौरान नीमदा गेट स्थित इन्दिरा रसोई के डाटा में काफी अनियमितताए पाई गई। नीमदा गेट पर रसोई का संचालन रिया महिला बहुउददेशीय सहकारी समिति को दिया गया था। उन्होने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि इस इन्दिरा रसोई के संचालक के द्वारा एक ही दिन में 1165 लोगों को लंच और डिनर देना दर्शाया। जबकि नगर निगम के द्वारा इन
इन्दिरा रसोईयों पर 300 थाली दोपहर व 300 थाली शाम को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। हालांकि खाने की थालियों की संख्या को बढाया जा सकता है लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि इस इन्दिरा रसोई पर भोजन करने वाले करीब 80 प्रतिशत लाभार्थियों के पास मोबाइल फोन नहीं होना दर्शाया।

जबकि करीब 200 लाभार्थी ऐसे दिखाए गए जिनके दो दो कूपन काटे बताए। वहीं सबसे बडी अनियमितता यह मिली कि एक ही फोटो पर इस इन्दिरा रसोई संचालक के द्वारा अलग अलग नाम से खाने के कूपन काटे गए। रोजाना जितना भोजन बंटना चाहिए था, संचालक रिकॉर्ड में उतना ही दिखा रहा था। लेकिन, औचक निरीक्षण
में निर्मित भोजन सामग्री तय संख्या से काफी कम मिली। जिस पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी ने जांच के बाद रसोई संचालक का ठेका निरस्त कर दिया है। इस अनियमितता पर नगर निगम ने निर्णय लिया है कि सभी इन्दिरा रसोईयों पर नगर निगम के द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगवा कर इन पर नजर रखी जायेगी।