भरतपुर के बाल संप्रेषण गृह में शराब पार्टी, बाल संरक्षण आयोग ने लिया गंभीर,मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

Bharatpur News / राजेन्द्र शर्मा जती।भरतपुर में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह की व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को दिन अहम रहा। जिले के बाल संपे्रषण गृह में
आवासितों द्वारा शराब पार्टी कर सोशल मीडिया पर लाइव किए जाने की घटना को बाल संरक्षण आयोग द्वारा गम्भीरता से लिया गया है।

भरतपुर का राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह कई बार चर्चाओं में रहा है चाहे यहां झगडे की घटनाए हों या बाल अपचारियों के भागने की घटनाए हों। राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह की लचर व्यवस्था के चलते कई बार भरतपुर का राजकीय बाल
सम्प्रेषण गृह प्रदेश में बदनाम हुआ है। लेकिन इस बार तो राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह में रह रहे आवासितों ने एक वीडियो लाइव कर धमाका ही कर दिया। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह में
चाक चैबन्द व्यवस्थाओं के बावजूद आवासितों ने जन्म दिन पार्टी का आयोजन कर शराब, स्मेक, चरस ब गांजे जैसे नशीले पदार्थों का सेवन कर रहै है।

इसका वीडियो वायरल हो गया। ऐसा माना जा रहा है कि यह वीडियो करीब तीन दिन पहले भरतपुर के राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह में निरूद्ध वाल अपचारियों के बीच किसी बाल अपचारी के जन्मदिन पर आयोजित नशा पार्टी को फेसबुक पर लाइव किया गया था।

इस मामले ने सरकार जिला प्रशासन एवं अधिकारिता विभाग सहित विभिन्न विभागों में हलचल मचा कर रख दी है। इस मामले को लेकर बाल अधिकारिता निदेशालय के आयुक्त महेश चन्द शर्मा अपनी टीम के साथ भरतपुर आये। जहां उन्होने इस मामले में तथ्य जुटाते हुऐ जिला कलक्टर नथमल डिडेल से भी जानकारी ली है। इस मामले को लेकर निदेशालय के अलावा जिला प्रशासन की ओर से प्रशासनिक जांच करायी जा रही है। वहीं बाल कल्याण समिति अध्यक्ष गंगाराम पाराषर की टीम भी अलग से जांच कर रही है। पुलिस भी अलग से जांच के तथ्यों में जुटी है।

जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए बाल संप्रेषण गृह के केयरटेकर, परिसर में कार्यरत जॉब बेस्ड कर्मियों, प्लेसमेंट एजेंसी अथवा सेवा प्रदाता के माध्यम से लगे कार्मिकों के विरुद्ध तथा घटना में संलिप्त बालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिसर में लगे जैमर, संप्रेषण गृह के कॉरिडोर
में लगे कैमरा तथा बाहर लगे खराब कैमरा को रिप्लेस करवाने, विंडो ग्रिल की मरम्मत करवाने सहित आवासित बालकों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

घटना की जांच के लिए बाल अधिकरिता निदेशालय की टीम ने बाल संप्रेषण गृह का  दौरा किया। निदेशालय स्तर पर तथा जिला कलक्टर के निर्देशानुसार एसडीएम स्तर पर भी घटना की जांच के लिए कमेटियां गठित की गई हैं। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गंगाराम पाराशर ने भी तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।

बुधवार को राज्य बाल अधिकारिता निदेशालय के आयुक्त महेश चन्द शर्मा खुद भरतपुर पंहुच गए जहां उनके द्वारा राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह का दौरा किया गया एवं उनकी टीम ने इस वायरल वीडियो को लेकर जांच पडताल कर तथ्य जुटाए।

वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश स्तर पर भरतपुर का राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह चर्चाओं में आ गया। इस घटना को लेकर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक, व सहायक निदेशक एवं एसडीएम दामोदर सिंह एवं पुलिस थाना सेवर के थाना प्रभारी राजेश खटाना भी पुलिस जाप्ते के साथ राजकीय बाल सम्प्रेषण गृह गृह पंहुच गए। इस बारे में बाल अधिकारिता निदेशालय के कमिश्नर महेश शर्मा ने मीडिया को बताया कि निष्पक्षता के साथ इस घटना जांच की जा
रही है और जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी बच्चों के सम्प्रेषण गृह से भागने की घटनाएं सामने आती रहीं है।

कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के बाद तथ्यों के आधार पर इस प्रकार का इन्तजाम किया जायेगा कि इन घटनाओं की पुनावृत्ति पर रोक लगाई जा सके। इस बारे में जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने इस घटना को लेकर
प्रशासनिक जांच एसडीएम मुख्यालय को दी है। जिसमें एसडीएम व सिओ सिटी व पूरी टीम मिलकर सभी तथ्यों को जुटाएगी कि उनके पास मोबाइल, शराब, धूम्रपान की सामग्री कैसे पंहुची। किन हालातों में पंहुचा। जिसकी पूरी
जांच की जा रही है। जिला प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाए ना हों।

जिले के बाल संपे्रषण गृह में आवासितों द्वारा शराब पार्टी कर सोशल मीडिया पर लाइव किए जाने की घटना को बाल संरक्षण आयोग द्वारा गम्भीरता से लिया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल
की अध्यक्षता में जिला कलक्टर नथमल डिडेल, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष  गंगाराम पाराशर, सदस्य अनुराधा शर्मा, राजाराम भूतौली, मदनमोहन शर्मा, नरेन्द्र सिंह डागुर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक
प्रफुल्ल कुमार चैबीसा एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के साथ आॅनलाइन बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में आयोग की अध्यक्ष ने घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए जिला कलक्टर को घटना की पूर्ण जांच कर तथ्यात्मक रिपोर्ट आयोग कार्यालय को अविलम्ब
प्रेषित करने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही जिले में इस तरह की घटनाऐं पुनः घटित न हो इसकी सुनिश्चिता करने के लिए पाबंद किया गया।