महापौर ने थैरेपी लेने के बाद दर्द में बताया आराम और यूनानी चिकित्सा थैरेपी को बताया चमत्कारिक

 

 

भरतुपर के एमएसजे कॉलेज में चल रहा राज्यस्तरीय आरोग्य मेला आम लोगों के लिए बन रहा लाभकारी

यूनानी विभाग के द्वारा दी जा रही चिकित्सा सेवाओं को भारी संख्या में लोग उठा रहे लाभ

समन्यवयक शमसूल हसन ने बताया अब तक करीब 525 व्यक्ति ले चुके कपिंग थैरेपी (हिजामा) का लाभ

भरतपुर (राजेंद्र शर्मा जती)। भरतुपर के एमएसजे कॉलेज में चल रहे आरोग्य मेला में आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञों के द्वारा मरीजों को इलाज व परामर्श का लाभ दिया जा रहा है।

वहीं यूनानी विभाग के द्वारा आरोग्य मेले में लोगों को दर्द से निजात दिलाने के लिए हिजामा थैरेपी दी जा रही है। इस थैरेपी में मरीजों को कंपिग विधि से दर्द से जल्द ही राहत मिल जाती है।

शनिवार को नगर निगम भरतपुर के महापौर अभिजीत कुमार जाटव भी इस थैरेपी का लाभ लेने के लिए आरोग्य मेले में पहंुचे। जहां उन्होंने थैरेपी करवाई।

आरोग्य मेले में यूनानी समन्वयक डॉ. शमसूल हसन तारिक ने बताया कि बडी संख्या में जोड के दर्द के रोगी कंपिग थैरेपी के लिए परामर्श के लिए यूनानी विभाग के चिकित्सकों के पास पहंुच रहे हैं। जिन्हें यूनानी चिकित्सा से काफी राहत महसूस हो रही है।

उन्होंने बताया कि यूनानी चिकित्सा विभाग के द्वारा लगाई गई ओपीडी में चर्म रोग, नस में दर्द, खून की कमी, एलर्जी, पेट व लीवर से संबंधित रोगियों की संख्या अधिक रही है।

आरोग्य मेेले में प्रदेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम में डॉ. मो. शमीम खान, डॉ. निसार अहमद खां, डॉ. शौकत अली, डॉ. कमर जहां, डॉ. नुसरत, डॉ. कृपाल सिंह अपनी सेवाए ंदे रहे है।

वहीं यूनानी विभाग जयपुर से हिजामा के लिए उपनिदेशक डॉ. महमूद अहसन सिद्धिकी को नोडल प्रभारी बनाया गया है। नगर निगम महापौर अभिजीत कुमार ने थैरेपी का लाभ लेने के बाद कहा कि उनके सीधे हाथ में फ्रोजन शोल्डर की समस्या थी।

हाथ ऊपर उठाने में भी समस्या आती थी। इस समस्या को लेकर फिजीयोथैरपी भी करवाई थी लेकिन खास आराम नहीं मिल रहा था। लेकिन आज जब आरोग्य मेले में हिजामा थैरेपी करवाई तो काफी आराम मिला है। उन्होंने इस थैरेपी को चमत्कारिक थैरेपी बताया और कहा कि सभी को इसका लाभ लेना चाहिए।

समन्वयक शमसूल हसन ने बताया कि जनरल ओपीडी 1100 के करीब हो चुकी है। कपिंग थैरेपी का 525 व्यक्ति लाभ उठा चुके हैं।