अजमेर

एनआरआई ने रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर छुपाया और स्वास्थ्य विभाग को गुमराह किया,अब हुई एफआईआर

एनआरआई ने रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर छुपाया और स्वास्थ्य विभाग को गुमराह किया,अब हुई एफआईआर अजमेर जिले का कोरोना Omicorn पहला केस आया NRI hid the report being positive and misled the health department, now FIR of Ajmer district’s Corona Omicron first case came .

Ajmer । अजमेर शहर में कोरोना संक्रमण की जानकारी छुपाने वाले मरीज पर चिकित्सा विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज करवाई गई है। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट शहर राजेन्द्र प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि राजकीय शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र चन्द्रवरदाई नगर के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी ने कोविड omicorn पॉजिटिव व्यक्ति द्वारा जानकारी छिपाने एवं अन्य व्यक्तियों के जीवन को खतरे में डालने के कारण एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

चन्द्रवरदाई नगर का एक व्यक्ति 16 दिसम्बर को घाना दक्षिणी अफ्रीका से आया। उनकी दिल्ली एयरपोर्ट(Delhi Airport) पर आरटीपीसआर जांच हुई। यह रिपोर्ट पॉजिटिव थी। आरटीपीसीआर जांच पॉजिटिव आने के उपरान्त जीनोम टेस्ट किया गया। जीनोम टेस्ट की रिपोर्ट 22 दिसम्बर को पॉजिटिव प्राप्त हुई।

उन्होंने बताया कि मरीज द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई कोविड की पॉजिटिव जांच की सूचना अजमेर आने पर संबंधित क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी से छिपाई गई।

इसके साथ-साथ मरीज ने अपना पता एवं मोबाईल नम्बर भी गलत बताया। मरीज द्वारा गलत पता आशागंज के क्षेत्र का दिए जाने पर सम्पूर्ण क्षेत्र का सर्वे किया गया। सर्वे के दौरान कोई मरीज नहीं पाए जाने पर मरीज द्वारा दिए गए मोबाईल नम्बर पर पुनः सम्पर्क करने की कोशिश की गई। मोबाईलधारक ने 20 दिसम्बर को बताया कि पॉजिटिव व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका जाने के लिए दिल्ली के लिए निकल गया है। जबकि ओमीक्रान पॉजिटिव मरीज 22 दिसम्बर को घर पर ही था। चिकित्सा विभाग द्वारा मरीज को एम्बूलेंस के माध्यम से लाकर जेएलएन चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया।

उन्होंने बताया कि मरीज द्वारा पॉजिटिव होने की जानकारी छिपाने के साथ-साथ गलत सूचना भी दी गई। यह लापरवाहीपूर्वक एवं गैर जिम्मेदाराना तरीके से जानबूझकर संक्रामक बीमारी फैलाने का कृत्य है।

इससे दूसरों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। इस कारण संबंधित मरीज के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 269 एवं 270 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 के अन्तर्गत एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस कृत्य के लिए 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र में बेरिकेटिंग की गई है। इसके साथ हाइपोक्लोराइड का छिड़काव कर क्षेत्र को रोगाणुमुक्त किया गया। मरीज की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री को ट्रेस करके सम्पर्क में आए व्यक्तियों की सैम्पलिंग की गई।

पड़ौसियों एवं रिश्तेदारों को कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करने के लिए पाबंद किया गया है। क्वारेंटाइन किए गए किसी भी व्यक्ति के बाहर निकलने पर इसकी सूचना तत्काल प्रभाव से निकटतम पुलिस थाने अथवा पुलिस कंट्रोल रूम में देने के लिए निर्देशित किया गया है।

उन्होंने बताया कि किसी भी व्यक्ति को संक्रमण हो सकता है। इससे बचने के लिए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने तथा सैनेटाइजर का नियमित उपयोग करने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति को बीमारी छुपाने के स्थान पर तत्काल प्रभाव से आइसोलेट होकर उपचार आरम्भ करना चाहिए। इससे स्वंय की जान बचेगी साथ ही अन्य व्यक्तियों को संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा।

साभार: DIPR, Department of Information & Public Relations, Rajasthan #Ajmer

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