आयुर्वेद उपचार की बेहतर प्राचीन पद्धती है -डॉ अनुकृति

  • रामशाला में 10दिवसीय निःशुल्क आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर प्रांरंभ

Shahpura News (मूलचन्द पेसवानी ) – आयुर्वेद विभाग एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वाधान में सोमवार को देर सांय रामशाला भवन में राजस्थान विशिष्ठ संगठन योजनान्तर्गत निःशुल्क 10 दिवसीय अन्तरंग आयुर्वेद शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारंभ हुआ। भगवान धन्वंतरि, महाप्रभु रामचरण महाराज की तस्वीर के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ अनुकृति उज्जैनिया ने कहा कि आज की भागदौड़ वाले जीवन में लोग अपने स्वास्थ्य पर जरा भी घ्यान नही देने से अनेक रोगों से ग्रसित हो रहे है। ऐसे में आयुर्वेद चिकित्सा जो उपचार की प्राचीन पद्धती है, उससे उपचार कराये और शिविर का लाभ ले। अध्यक्षता कर रहे आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डा. सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में किसी भी बीमारी का उपचार करवाना मंहगा हो गया है।

ऐसे में सरकार द्वारा आयोजित यह शिविर पीडितों के लिए वरदान साबित होगा। सहायक निदेशक डा. सत्यनारायण, कन्या विद्यापीठ की प्राचार्य डा.आशा यादव ने भी संबोधित किया। शाहपुरा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एवं शिविर प्रभारी डॉ कमलेश पाराशर ने बताया कि शिविर में अर्श, बवासीर, पाईल्स, मस्सा, फिस्टुला, परिकर्तिका, भगन्दर, नासूर एवं गुदे आदि रोगों का बीना चीर फाड़ के सार सूत्र चिकित्सा पद्धती से राजस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक सर्जन डॉ विनित जैन, डॉ सुनील कानोडिया, डॉ विष्णुदत्त पारीक, डॉ श्याम सुन्दर सोनी, डॉ अर्चना, डॉ नेहा, डॉ अरूण दिवाकर उपचार, परामर्श देते हुए जरूरतमंदों का निःशुल्क ऑपरेशन करेगेें। शिविर के पहले दिन कई रोगियों का उपचार करते हुए चिकित्सा परामर्श दिया गया तथा गम्भीर रोग से ग्रस्त रोगियों को शिविर में भर्ती किया गया।

इस मौके पर भाविप के अध्यक्ष हरीचन्द्र शर्मा, पूर्व अध्यक्ष पवन बांगड, जयशंकर पाराशर, सचिव राजेन्द्र मूंदड़ा, भैरूलाल जैन, रघुनाथ प्रसाद वैष्णव, बालमुकंद छीपा उपस्थित थे।