देवली मेें सावन में लहरियां ने महिलाओं का मनमोहा

  दुकानों पर महिलाएं जुटी लहरिया खरीदने   देवली सावन माह के नजदीक आते है देवली में महिलाओं को लहरियां की साड़ी लुभाने लगी है। शहर की दुकानों में रंग-बिरंगेे लहरियों का स्टॉक सज चुका है। इसके चलते महिलाओं में सावन में लहरियां खरीदने का चाव बढ़ता जा रहा है। फैशन प्रचलन के अनुसार महिलाओं …

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July 16, 2019 3:38 pm

 

दुकानों पर महिलाएं जुटी लहरिया खरीदने

 

देवली

सावन माह के नजदीक आते है देवली में महिलाओं को लहरियां की साड़ी लुभाने लगी है। शहर की दुकानों में रंग-बिरंगेे लहरियों का स्टॉक सज चुका है। इसके चलते महिलाओं में सावन में लहरियां खरीदने का चाव बढ़ता जा रहा है। फैशन प्रचलन के अनुसार महिलाओं को मोठड़ा लहरिया सर्वाधिक लुभा रहा है। जो अन्य लहरिये की साड़ी की खरीद पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है।
शहर के साड़ी विके्रता नंदकिशोर गोयल ने बताया कि सावन मास के एक पखवाड़े पहले से ही लहरिया साडिय़ों की बिक्री शुरु हो जाती है। सावन में लहरिया साडिय़ों का शुरू से के्रज रहा है। ऐसे में सावन के एक माह पहले ही जयपुर व सूरत जैसे बड़े शहरों से नई फैशन के लहरिया साडिय़ा मंगवाई गई है।

मोठड़ा व पंचरंगी लहरिया भा रहा है महिलाओं को-:

लहरिया साड़ी में नाजमिन, प्योर लहरिया, मोठड़ा व पचरंगी लहरिया सर्वाधिक लोकप्रिय है। इनमेें मोठड़ा लहरिया हर वर्ग की महिलाओं की खास पसंद होती है, जो कि कम दाम पर बढिय़ा कलर में उपलब्ध होती है। नवेली वधुओं को भी मोठड़ा लहरिया ज्यादा भाता है। साड़ी विके्रता विशाल पारीक ने बताया कि  इन दिनों नाजमिन लहरिया भी खूब बिक रहा है।

तीज के कारण गोटा पत्ती की बढ़ी हैं मांग-:

यह प्रिंटेड लहरिया है, जो कि सिफोन कपड़े पर हाथ से बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: लहरिया ३०० से १३ हजार रुपए तक बिकता है। श्रावण मास की तीज के लिहाज से गोटा पत्ती मोठड़ा लहरिया की मांग अधिक है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: शहरी महिलाएं लहरिया ज्यादा पसंद करती है, लेकिन गत कुछ वर्षो में ग्रामीण महिलाएं भी सावन में लहरिया पहनने लगी है।

इस वर्ष बढ़ी हैं लहरिया के दाम-:

गत वर्ष की तुलना में इस बार लहरिया की साडिय़ों की दरों में ५ से १० प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। लेकिन महिलाओं की पसंद  व शौक के आगे बढ़ी दरें मायने नहीं है। इसी प्रकार लहरिए लाख की चूडिय़ा व कड़े भी बिकने लगे है। इनमें ठण्डी लाख के लहरिया कड़े, प्योर लाख कड़े व प्रिटेंट लाख कड़े ज्यादा प्रचलन में है।

 

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