विष्णु सदाशिव कोकजे विहिप के नए अध्यक्ष बनें – प्रवीण तोगड़िया के युग का अंत

April 14, 2018 12:32 pm

चंडीगढ़। देश मै हिंदुओं को एकजुट करने के मकसद से बना 1964 में संगठन बना. नामविश्व हिंदू परिषद 7 इसके पहले अध्यक्ष चिन्मयानंद बने. उनके बाद जो भीअध्यक्ष चुना गया 7 आम सहमति से चुना गया. इससे पहलेचाहे अशोक सिंघल हों याप्रवीण तोगडयि़ा। 54 साल बाद काफी कुछ बदल गया है. हिंदुओं कोएकजुट करने के मकसद से बना संगठन खुद अपने घर की फूट नहीं संभालपाया. जिसके चलते पहली बार चुनाव करवा के विहिप का अध्यक्ष चुनागया 7 विहिप के इतिहास में पहली बार ये हुआ 7 नतीजा जो आया वो इसकेअंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगडयि़ा को ठिकाने लगाने वाला है क्योंकिजिसके समर्थन में तोगडयि़ा थे, माने राधव रेड्डी. वो चुनाव हार गए हैं ।नयाअध्यक्ष चुना गया है विष्णु सदाशिव कोकजे को. उन्हें कुल पड़े 192 वोटों में131 मिले।जबकि अभी तक अध्यक्ष रहे राधव रेड्डी को महज 60 वोटमिले. माना जा रहा है कि इस नतीजे के बाद प्रवीण तोगडयि़ा भी जल्दअपने पद से इस्तीफा दे देंगे 7 वीएचपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीणतोगडयि़ा और वीएचपी के अध्यक्ष राघव रेड्डी का कार्यकाल पिछले सालदिसम्बर में ही ख़त्म हो गया था. वीएचपी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिएबीते 29 दिसंबर को बैठक हुई थी. आरएसएस राघव रेड्डी की जगह वी.कोकजे को अध्यक्ष बनाना चाहता था, लेकिन तब हंगामा हो गया था औरचुनाव नहीं हो पाया था. पर 14 अप्रैल को पूरी तैयारी के साथ चुनाव हुआऔर वैसा ही हुआ जैसा विहिप का पितृ संगठन माने आरएसएस चाहता था।

विष्णु सदाशिव कोकजे?

विष्णु सदाशिव कोकजे हिमाचल प्रदेश के पूर्व गवर्नर(2003 से 2008तक) एवं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं. कोकजे का जन्म 6सितंबर 1939 को मध्य प्रदेश में हुआ था. इंदौर से LLB करने के बाद1964 में उन्होंने लॉ की प्रैक्टिस शुरू की. जुलाई 1990 में कोकजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया. साल 2001 में वह राजस्थानहाई कोर्ट के भी जज रहे. कोकजे RSS से जुड़ी संस्था भारत विकासपरिषद के अध्यक्ष रह चुके हैं. हालांकि चुनाव से पहले तोगड़िया कैंप कीओर से आरोप लगाया जा रहा था कि कोकजे का हिंदुत्व से कोई लेना-देना नहीं है. उन्हें कैसे विहिप का अध्यक्ष बनाया जा सकता है.
बीजेपी नेतृत्व और संघ नाराज था
जानकारी के अनुसार पहली बार चुनाव कराने की वजह भी प्रवीण तोगड़िया का वीएचपी पर प्रभाव खत्म करना ही था। दरअसल, केंद्र सरकार और खासतौर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई मौकों पर निंदा करने के चलते प्रवीण तोगड़िया से संघ नाराज चल रहा था।  शनिवार को गुरुग्राम में चुनाव हुआ।

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