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सर्दी का सितम खेतों में खड़ी फसलों पर जमी बर्फ, सरसों को नुकसान

जहाजपुर (आज़ाद नेब) मौसम विभाग द्वारा दी गई पांच दिनों की पूर्वानुमान शीतलहर की चेतावनी सटीक नज़र आ रही है। रात में चली शीतलहर से अगेती फसलों में खराबा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बर्फ जमने वाली ठंड का असर सबसे अधिक सरसों की फसल पर पड़ रहा है। बिना पिलाई अगेती फसल में सबसे अधिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। शनिवार सुबह खेतों में खड़ी फसलों के पत्तों पर बर्फ जमी नजर आई। धूप निकलने के बाद पौधों के पत्तों पर जमी बर्फ पिघल गई।

 

कृषि अधिकारी भगवत सिंह ने बताया कि लो टनल लगा कर, सिचाई कर के, धुँआ कर के, गन्धक् के तेजाब का 0.1% का छिडकाव कर के, वायु रोधक पौधे या दिवार बना कर, टाटी बाँध कर या ढ़क कर किसान अपनी फसल पाले से बचा सकते हैं। शीतलहर एवं पाले से सर्दी के मौसम में सभी फसलों को थोड़ा नुकसान होता है। टमाटर, मिर्च, बैंगन आदी सब्जियों पपीता एवं केले के पौधों एवं मटर, चना, अलसी, सरसों, जीरा, धनिया, सौंफ, अफीम आदि वस्तुओं से सबसे ज्यादा 80 से 90% तक नुकसान हो सकता है। अरहर में 70%, गन्ने में 50% एवं गेहूं तथा जौ में 10 से 20% तक नुकसान हो सकता है

अधिकारी सिंह ने पाले से फसलो को बचाने के उपाय के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जिस रात पाला पड़ने की संभावना हो उस रात 12:00 से 2:00 बजे के आस-पास खेत की उत्तरी पश्चिमी दिशा से आने वाली ठंडी हवा की दिशा में खेतों के किनारे पर बोई हुई फसल के आसपास, मेड़ों पर रात्रि में कूड़ा-कचरा या अन्य व्यर्थ घास-फूस जलाकर धुआं करना चाहिए, ताकि खेत में धुआं हो जाए एवं वातावरण में गर्मी आ जाए।धुआं करने के लिए उपरोक्त पदार्थों के साथ क्रूड ऑयल का प्रयोग भी कर सकते हैं। इस विधि से 4 डिग्री सेल्सियस तापमान आसानी से बढ़ाया जा सकता है।

पाला पड़ने की संभावना हो तब खेत में सिंचाई करनी चाहिए। नमी युक्त जमीन में काफी देर तक गर्मी रहती है तथा भूमि का तापमान कम नहीं होता है। इस प्रकार पर्याप्त नमी नहीं होने पर शीतलहर व पाले से नुकसान की संभावना कम रहती है। सर्दी में फसल में सिंचाई करने से 0.5 डिग्री से 2 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ जाता है।

गंधक के तेजाब के 0.1% घोल का छिड़काव करना चाहिए। इस हेतु 1 लीटर गंधक के तेजाब को 1000 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टर क्षेत्र में प्लास्टिक के स्प्रेयर से छिड़काव का असर 2 सप्ताह तक रहता है। सरसों, गेहू, चावल, आलू, मटर जैसी फसलों को पाले से बचाने में गंधक के तेजाब का छिड़काव करने से न केवल पाले से बचाव होता है बल्कि पौधों में लौह तत्व एवं रासायनिक सक्रियता बढ़ जाती है,जो पौधों में रोगरोधिता बढ़ाने में एवं फसल को जल्दी पकाने में सहायक होती है।

Azad Mohammed nab
आज़ाद मोहम्मद नेब में दैनिक रिपोर्टर्स के आलावा एडिटर स्मार्ट हलचल, रिपोर्टर HNN news, tv100 ,लाइव टुडे, साधना प्लस, सरेराह, हुक्मनामा समाचार, जयपुर टाइम्स साथ काम करता हू .पत्रकारिता से आमजन की बात प्रशासन तक पंहुचाना मेरा मकसद है . whatsapp 8890400865, 8058220365