दो दिन में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं तो फिर से होगा बाजार बंद

Udaipur News । कोरोना के चलते पहले ही घाटे में चल रहे व्यापार जगत के साथ पुलिसकर्मियों के अभद्र व्यवहार ने उदयपुर के व्यापारियों को आक्रोशित कर दिया है। सोमवार शाम को अचानक तेज बारिश और बिजली बंद होने के दौरान तीन पुलिसकर्मियों द्वारा धानमण्डी में एक व्यापारी की दुकान में घुसकर अभद्रता करने, सामान बिखेरने और उसे जबरन घसीटकर बाहर निकालने की घटना ने मंगलवार सुबह तक तूल पकड़ लिया और तीनों पुलिसकर्मियों को निलम्बित करने की मांग को लेकर धानमण्डी बंद का ऐलान हो गया।
 इस घटना के सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस के इस व्यवहार पर पूरे शहर में सवाल उठ रहे हैं। सभी का कहना है कि पुलिस ने व्यापारी को अपराधी समझ रखा है। एक ओर ठीक पुलिस कंट्रोल रूम के सामने रात को 8 बजे बाद भी होटलें खुली रहती हैं, दूसरी ओर धानमण्डी के व्यापारियों को रोजाना डंडे का डर बताया जाता है।
आक्रोशित व्यापारी मंगलवार सुबह धानमण्डी के हनुमान चैक में एकत्र हुए और उपमहापौर पारस सिंघवी को वहां बुलवाया। उपमहापौर पारस सिंघवी ने भी उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन सख्ती बरते, यह उनका अधिकार हो सकता है, लेकिन किसी व्यापारी के साथ अपराधी की तरह बर्ताव नहीं किया जा सकता और वह भी 8 बजे के निर्धारित समय से पहले। दरअसल, पूरी घटना सीसीटीवी में रिकाॅर्ड हुई और समय के साथ हुई, ऐसे में व्यापारियों का गुस्सा पुलिसकर्मियों पर बढ़ गया। कुछ व्यापारियों ने कहा कि उन्हें टारगेट बनाया जा रहा है।
धानमण्डी थानाधिकारी मनीष चारण के भी हनुमान चैक में आने पर सुलह नहीं हुई तब पुलिस उप अधीक्षक महेन्द्र पारीख धानमण्डी थाने पहुंचे और व्यापारियों के साथ समझाइश वार्ता की। वार्ता में व्यापारियों की ओर से उपमहापौर पारस सिंघवी ने चेम्बर आफ काॅमर्स उदयपुर संभाग के अध्यक्ष होने के नाते व्यापारियों की पीड़ा रखी और कहा कि सीसीटीवी फुटेज में सब कुछ स्पष्ट नजर आ रहा है। ऐसा बर्ताव अपराधी के साथ किया जाए तो समझ में आता है, व्यापारी के साथ नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दो दिन में यदि उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो बाजार फिर से बंद किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी। पुलिस की ओर से इस पर आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने दोपहर में दुकानें खोलीं।