टोंक में आखिर क्यों नही दे रहा चिकित्सा प्रशासन जिले का कोरोना अपडेट

Tonk News । टोंक जिले में फिर से कोरोना का संक्रमण बढऩे लगा है  रविवार 69 और सोमवार को 67 मरीजों की पॉजिटिव आने की खबर सामने आई है और इसमे दो डाक्टर भी शामिल बताएं जा रहे है। लेकिन मंगलवार को भी रिपोर्ट अब तक नही दि है कोरोना संक्रमण बढऩे के साथ ही कोरोना मरीज आने की सिलसिला जारी होने के बाद भी चिकित्सा प्रशासन आखिर क्यों अब क्षेत्रवार भी मरीजों की आने की सूचना उपलब्ध नही करवा रहा है। जबकि जिला चिकित्सा प्रशासन ने आज तक मीडिया के सामने किसी भी कोरोना पॉजिटिव का नाम नही बताया है और केवल क्षेत्र व गांव का नाम ही बताया है।

इधर राज्य स्तरीय कोरोना रिपोर्ट की वेबसाईट की अपडेट सूची पर सुबह 10.30 बजे अपडेट किए डाटा के अनुसार केवल 9 मरीज कोरोना पॉजिटिव टोंक के बताएं गए है और उसके बाद की कोई सूचना वहां अपडेट नही हो रही है। जिससे टोंक जिलेवासियों को कोरोना संक्रमण की स्थितियों का सही पता नही चल पा रहा है।

टोंक जिला चिकित्सा विभाग की ओर से भी जिला स्तर पर कोरोना से संबंधित अपडेट की सूचना देना बंद कर देने से अब टोंक जिले की पूरी स्थिति का पता नही चल पा रहा है, जिससे कोरोना संक्रमित मरीजों से संपर्क का डर ओर अधिक बनने लगा है। चिकित्सा पहचान कोरोना मरीज की पहचान छिपाने का हवाला देते हुए ग्राम व वार्डवार सूचना देने से पीछे हट रहा है, क्योंकि इससे कोरोना मरीज की पहचान होती है। जबकि कोरोना संक्रमण होने के बाद मरीज ठीक हो चुके है। ऐसे में आमजन को कोरोना का अपडेट डाटा नही मिलने और मरीज की पहचान छुपाने का कारण बताने से कोरोना के प्रति भय भी सता रहा है।

चिकित्सा विभाग द्वारा मीडिया को सूचना देने के लिए बनाएं गए सोशल मीडिया गु्रप में आज तक कोरोना संक्रमण दौरान किसी भी मरीज का नाम नही डाला गया है, केवल मात्र उस क्षेत्र का नाम व गांव नाम ही लिखा जाता है। बावजूद इसके लिए चिकित्सा प्रशासन मरीज की पहचान छुपाने का बहाना बताकर क्षेत्रवार भी सूचना उपलब्ध नही कर रहा है। सोमवार को तो चिकित्सा प्रशासन के अधिकारियों ने कुल मरीजों की संख्या बताने से भी इंकार कर दिया और कहा कि आप राज्य स्तरीय कोरोना अपडेट की सूची वेबसाईट पर देखे और वहां से टोंक जिले के मरीजों की संख्या जाने। पर राज्य स्तरीय सूची पर भी अपडेट सही नही होने से सूचना सही उपलब्ध नही हो पा रही है।

जबकि किसी क्षेत्र या गांव में चिकित्सा विभाग की टीम संक्रमित व्यक्ति के घर पहुंचती है तो उससे ही कोरोना संक्रमित मरीज व परिवार का पता चलता है, ना कि मीडिया को उपलब्ध कराई गई सूचनाओं से पहचान होती है।