सोहेला वन क्षेत्र में अवैध खनन जोरो से


Tonk news । क्षेत्रीय वनाधिकारी टोंक के सोहेला वन क्षेत्र में बीते कुछ माह से रैंजर हरिसिंह हाडा एवं वन कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध खनन किया जा रहा हैं। जहां खनन माफिया ब्लास्टिंग के जरियें खनन किया जा रहा है। जिससे पर्यावरण असंुतलित हो रहा है।

सोहेला वन क्षेत्र में अवैध खनन जोरो से 1


ग्रामवासियों ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि सोहेला वन क्षेत्र के सोहेला वन क्षेत्र, कारोला,चिंरोज, मिर्च मंडी के पीछे, बोरखेडी,चरमियां पहाड के उपर हथोना,जोग्यावाली पहाडी,पराना, हथोना ,दादियां एवं हरे कृष्णा विलेज के आसपास खनन माफिया धडल्ले से अवैध किया जा रहा हैं। जहां अवैध खनन में शामिल माफिया अंधाधुंध हरे वृक्षों की बलि चढ रही हैं। जिससे पर्यावरण असंतुलित होने लगा है,वही राज्य सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।


ग्रामीणों ने बताया कि अवैध खनन माफिया लोग खनन कर समीप के गांवों में हजारों टन पत्थरों का स्टॉक भी किया जा रहा हेैैं। इसके अतिरिक्त बनास नदी से वन क्षेत्र से अवैध बजरी का खनन भी किया जा रहा हैं। जहां रात के समय निजी वाहन के जरियें बीट प्रभारी कुछ लठैतों के सहारे बनास से बजरी भर कर आने वाले टेªक्टरा,े ट्रको से सारी रात चौथ वसूली की जा रही है।


यहां गौरतलब बात तो यह है कि सोहेला वन क्षेत्र में पूर्व में बेशकीमती पत्थर की खुदाई के मामले में अजमेर मुख्य वन संरक्षक ने निरीक्षण किया था । जहां आगमन की सूचना के पाकर बीट प्रभारी ने चिन्हित जगह को मिट्टी से पाट दिया गया । इसके अतिरिक्त सोहेला क्षेत्र में वन विभाग द्वारा करवाये गये वन विकास के कार्यो में भी भारी फजीवाडा किया जा रहा हैं। निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया। जिसकी जांच की जाए ।