राजस्थान मे कांग्रेस की 3 सदस्य कमेटी बगावत की जिम्मेदारी तय करेगी सरकार में हिस्सेदारी नहीं

Jaipur news । राजस्थान में कांग्रेसमें चल रहे अंदर खाने के घमासान और मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के युवा जुझारू अनुभवी नेता सचिन पायलट के बीच चल रही तनातनी दिखावे के तौर पर भले ही समाप्त हो गई होसलेकान अंदर से दोनो के बीचसम आतंरिक मनमुटाव अभी भी जारी है । आलाकमान के दखल और राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा की हस्तक्षेप के बाद राजस्थान की कांग्रेस नीत अशोक गहलोत सरकार गिरने से बच गई हो लेकिन अभी तक यह संकट वैसे टला नहीं है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आलाकमान के निर्देश पर गठित 3 सदस्य कमेटी ने जहां एक ओर राजस्थान में आने के कार्यक्रम को निरस्त कर दिया तो वहीं दूसरी ओर यह संकेत दे दिए हैं कि कमेटी केवल बगावत की जिम्मेदारी तय करने के लिए बनाई गई है ने की सचिन पायलट के लिए सरकार में हिस्सेदारी तय करने के लिए ।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी द्वारा राजस्थान के राजनैतिक ड्रामे की समाप्ति के बाद बनाई गई 3 सदस्ययी कमेटी जयपुर नहीं आएगी बल्कि दिल्ली में ही विधायकों को बुलाकर उनसे व्यक्तिगत चर्चा करेगी। यह निर्णय कमेटी को लेकर फैलाए गए भ्रामक प्रचार को देखते हुए लिया गया है ऐसा प्रचार किया जा रहा था कि यह कमेटी सत्ता संगठन में बगावत करने वाले सचिन पायलट सहित 19 विधायकों और उनके सहयोगियों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी।


जानकार सूत्रों के अनुसार आलाकमान ने इन खबरों को गंभीरता से लिया है जिनमें कहा जा रहा था कि पायलट ने अपने लिए डिप्टी सीएम और अपने साथी 18 विधायकों के लिए पांच मंत्री पद मागे है तथा संगठन में भी पूरी भागीदारी देने को कहा है, आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए पायलट लगातार बयान बाजी कर रहे थे तथा इस सप्ताह बुधवार को उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक में जाकर शक्ति प्रदर्शन किया इससे पहले वे जयपुर में भी अपने समर्थकों को बुलाकर अपनी ताकत दिखा रहे थे।

पायलट की उपस्थिति में उनके समर्थक उनके मुख्यमंत्री बनने के नारे लगा रहे थे इसकी वीडियो फुटेज भी आलाकमान तक पहुंची इसके बाद कमेटी ने अपना प्रस्तावित जयपुर दौरा स्थगित कर दिया है कमेटी का मानना है कि इससे यह संदेश जा रहा है कि कमेटी बगावत करने वाले 19 विधायकों और उनके सहयोगियों को सत्ता और संगठन में उचित स्थान दिलाने के लिए बनाई गई है और इसी उद्देश्य से जयपुर आ रही है जबकि कमेटी को स्पष्ट निर्देश आलाकमान ने दिए थे कि कमेटी उन स्थितियों की जांच करें जिनके चलते हालात इतने बिगड़े तथा 19 विधायकों को सरकार गिराने की चेष्टा करनी पड़ी।

सूत्रों के मुताबिक कमेटी अब सभी विधायकों को दिल्ली बुलाकर उससे बातचीत करेगी पायलट समर्थक विधायकों के अलावा सरकार के साथ खड़े रहे विधायकों को भी कमेटी दिल्ली बुलाएगी तथा उनसे सारे हालात जानने की कोशिश करेगी। आलाकमान द्वारा अब प्रभारी बनाए गए अजय माकन को निर्देश दिए हैं कि वे मंत्रिमंडल और संगठन के कार्य को गति देने के लिए इस सप्ताह दिल्ली से जयपुर जाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए गोविंद सिंह डोटासरा से बात करके सूची बनवाएं तथा इसे आलाकमान के सम्मुख जल्दी से जल्दी प्रस्तुत करें।


जानकार सूत्रों के अनुसार इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही आलाकमान तय करेगा कि सचिन पायलट और उनके सहयोगीयों के साथ कैसा रुख अपनाया जाए यदि उन्हें बगावत का दोषी नहीं माना गया तो पार्टी उन्हें पुनः पूर्व के बेहतर पदों के समकक्ष पदों पर स्थापित करेगी ।