टोंक जिले का नाम रोशन करने वाले ट्रीमैन को तीस भाषाओं में विश्व देखेगा ,ट्रीमैन की सफलता की कहानी, जर्मन टीम तीन दिन से कर रही है जिले भर में शूटिंग


Tonk news । यूं तो कई हस्तियों ने दुनिया भर में टोंक का नाम रोशन किया है, प्रसिद्ध दिवंगत फिल्म अभिनेता इरफान खान के बाद अब टोंक जिले के विष्णु लांबा का नाम देश और दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है ! गांव में एक पौधा चोर के रूप में सत्ताईस साल पहले पर्यावरण संरक्षण का काम शुरू करने वाले विष्णु लांबा आज ट्री मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाने जाते हैं !

टोंक जिले का नाम रोशन करने वाले ट्रीमैन को तीस भाषाओं में विश्व देखेगा ,ट्रीमैन की सफलता की कहानी, जर्मन टीम तीन दिन से कर रही है जिले भर में शूटिंग 1

यह नाम उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी द्वारा तब दिया गया जब वे भारत के क्रांतिकारी परिवारों को तलाशने के बाद राष्ट्रपति भवन लेकर पहुंचे थे ! उन्होंने बिना सरकारी सहायता के लगातार जन सहभागिता से अनेक नवाचार किए और अपने गांव ग्राम पंचायत लांबा को पर्यावरणीय दृष्टि से आदर्श ग्राम बनाने पर सराहनीय काम किया ! इन्हीं प्रयासों के चलते आज गांव में सभी लोग उनकी मुहिम का हिस्सा बनकर उनके साथ खड़े हैं !

टोंक जिले का नाम रोशन करने वाले ट्रीमैन को तीस भाषाओं में विश्व देखेगा ,ट्रीमैन की सफलता की कहानी, जर्मन टीम तीन दिन से कर रही है जिले भर में शूटिंग 2

उनके इन प्रयासों की धूम जर्मनी यूरोप और इंग्लैंड तक पहुंची है ! उनके द्वारा ऋग्वेद काल के बाद पहली बार छोटे भाई का पर्यावरणीय विवाह संपन्न कराया गया, जिसे वाशिंगटन पोस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स भी उन्हें छाप चुके हैं ! उनके द्वारा चंबल के पूर्व दस्युओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की मुहिम को बीबीसी लन्दन ने दिखाया और आज जर्मन अंतर्राष्ट्रीय प्रसारक डीडब्ल्यू ने उन्हें उनकी सफलता की कहानी को विश्व भर में दिखाने का फैसला लिया है ! डीडब्ल्यू टीम जर्मन के भारतीय प्रतिनिधि जसविंदर अपने साथियों के साथ पिछले तीन दिन से लांबा गांव सहित जिले भर के उन सभी हिस्सों में शूटिंग कर रहे हैं,

टोंक जिले का नाम रोशन करने वाले ट्रीमैन को तीस भाषाओं में विश्व देखेगा ,ट्रीमैन की सफलता की कहानी, जर्मन टीम तीन दिन से कर रही है जिले भर में शूटिंग 3

जहां से विष्णु लांबा का गहरा ताल्लुक है और उन्होंने वहां पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा काम किया है ! कल दिनभर बनास में हुई शूटिंग के दौरान जगह-जगह कई दृश्य फिल्माए गए, जिसमें बनास की वर्तमान और पूर्व स्थितियों को लेकर भी चर्चा की गई ! यह संयोग ही था कि जब टीम गांव में पहुंची तो विष्णु लांबा नाव में पौधे लेकर तालाब के बीचो-बीच बने टापू पर पौधारोपण करने जा रहे थे ! ड्रोन जैसे अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से की चल रही शूटिंग को देखने के लिए सारा गांव तालाब के किनारे पर जमा होकर दिन भर देखता रहा ! आपको बता दें कि गांव में विष्णु लांबा द्वारा लगाए हुए कल्पवृक्ष का प्रतिवर्ष जलझूलनी एकादशी को हजारों लोग मिलकर पूजन करते हैं और प्रकृति एवं संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लेते है !