पांच माह में भी मुण्डिया महादेव मन्दिर से प्राचीन मुर्तियों का खुलासा नही

ग्रामीणों ने रोष प्रकट कर जांच कमेटी बदलने की मांग कर आंदोलन की चेतावनी दी

पांच माह में भी मुण्डिया महादेव मन्दिर से प्राचीन मुर्तियों का खुलासा नही होने पर ज्ञापन देने आए ग्रामीण।

Tonk News । टोंक जिले के नगरफोर्ट मिनी पुष्कर मांडकला वह पुरातत्व सभ्यता से संबंधित क्षेत्र बालापुरा ग्राम के मुडिय़ा के महादेव पुरातत्व महत्व की शिवलिंग नंदी समेत अन्य मूर्तियों की करीब पांच माह पूर्व चोरी बरामद नही होने से ग्रामीणों ने इस मामले में गठित जांच कमेटी निष्क्रियता बरतने के कारण जांच कमेटी बदलकर मामले का शीध पर्दाफाश कराने की मांग जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर की है।

मन्दिर पुजारी जगदीश, कचरावाता सरपंच दिलीप सिंह, पूर्व सरपंच रामवततार जांगिड़, पूर्व सरपंच अनीस भारतीय, सुरजीत चौधरी, लेखराज, रामस्वरुप, धर्मराज, रमेंश, राकेश, सत्यनारायण, गणेश, बाबूलाल, बजरंगा, नरसीराम, श्योदान, प्रहलाद, विनोद आदि ने दिए ज्ञापन में बताया कि टोंक जिले के नगरफोर्ट मिनी पुष्कर मांडकला वह पुरातत्व सभ्यता से संबंधित क्षेत्र बालापुरा ग्राम के मुडिय़ा के महादेव पुरातत्व महत्व की शिवलिंग नंदी समेत अन्य मूर्तियों की 3 फरवरी की मध्यरात्रि को हुई चोरी को थी जिसे 15015 महीने होने को है इसके बाद भी पुलिस प्रशासन मूर्तियों की हुई चोरी के संबंध में कोई सुराग नहीं जुटा पाया है।

संबंधित जांच कर रही कमेटी पूर्णता निष्क्रिय वह उदासीन है, संबंधित वर्तमान पुलिस उप अधीक्षक उनियारा तथा थाना अधिकारी अलीगढ़ ने तो घटनास्थल पर पहुंचकर मौका तक भी नहीं देखा है तथा आपके द्वारा लगाई गई स्पेशल टीम के सदस्य कभी भी संयुक्त रूप से मौके पर नहीं पहुंचे हैं। इस कारण पुलिस द्वारा मूर्तियों की बरामदगी के प्रति बरती जा रही उदासीनता और निष्क्रियता को लेकर क्षेत्रीय जनता व शिव भक्तों में भारी आक्रोश व नाराजगी है।

इसको लेकर क्षेत्रीय जनता आगामी आंदोलन व रणनीति को लेकर लामबंद हैं तया पुन: आन्दोलन मजबूर है। उन्होंने बताया कि विश्व मानचित्र के पटल पर पुरातत्व सभ्यता को अपने गर्भ में दबाए रखने वाली राजस्थान के टोंक जिले के नगर फोर्ट की खेड़ा सभ्यता तथा मिनी पुष्कर मांडकला क्षेत्र के ग्राम बालापुरा के तन में 16 फरवरी 2007 को खेड़ा सभ्यता के भूगर्भ से चमत्कारिक तरीके से निकले हुए नागेश्वर मुडिय़ा के महादेव जो नीलम पत्थर जैसे दिखने वाले थे व अपने चमत्कारों से अपने भक्तों के कारज करने वाले शिवलिंग व सप्त धातु के नंदी की प्राचीन मूर्तियां समेत नाग और त्रिशूल को 3 फरवरी की मध्य रात्रि में अशात मूर्ति चोर गिरोह द्वारा चुरा कर ले गए ये इस कारण क्षेत्रीय जनता व श्रद्धालुओं में आक्रोष व रोष व्याप्त है।

उन्होंने मंाग करते हुए बताया कि वर्तमान में संबंधित जांच कर रही कमेटी को पलट कर अन्य फुल टाइम देने वाली जांच कमेटी नियुक्ति की जाए तथा चोरी का पर्दाफाश करके चोरी हुए शिवलिंग समेत अन्य मूर्तियों को बरामद किया जाए, अन्यथा मजबूरन आने समय में शिव भक्त एवं ग्रामीण आन्दोलन करने को मजबूर है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन कि होगी।