प्रदेश में पहला अनोखा मामला, एक आरएएस को बनाया डलब एओ का रिलिवर, चुरू कलक्टर व एडीएम विवाद

File Photo - एडीएम नरेन्द्र थोरी

Jaipur  News (फिरोज़ उस्म्मानी)। राजस्थान में प्रशासनीक अधिकारियों के आपसी टकराव के मामलों में लगातार बढ़ौतरी हो रही है। एक के बाद एक कई मामले सामने आ रहे है। ऐसा ही दो प्रशासनीक अधिकारी जिला कलक्टर व एडीएम जिला चुरू के टकराव का मामला प्रकाश में आ रहा है। प्रदेश में शायद पहला ही ऐसा मामला हो जिसमें एक आरएएस को डलब एओ का रिलिवर बना दिया गया हो।

 दोनों अधिकारियों की आपसी जंग अब कोर्ट कचेहरी तक पहुचं गई है। चुरू कलक्टर सदेंश नायक ने 17 जनवरी को एडीएम नरेन्द्र थोरी को निंलबित कर दिया था। इस पर नरेन्द्र थोरी ने हाईकोर्ट से आदेश पर स्टे ले लिया है। साथ ही प्रमुख सचिव कार्मिक, प्रमुख सचिव राजस्व व कलक्टर सदेंश नायक से 6 मार्च तक जवाब मांगा है।

 

ये है मामला

चुरू कलक्टर सदेंश नायक अपने विशेषाधिकारों का प्रयोग करते हुए  एडीएम नरेन्द्र थोरी के पहले तो पावॅर कम कर दिए। इसके बाद उन्हें डबल एऔ का लिंक ऑफिसर बना दिया। जोकि उनके जूनियर होता है। कलक्टर की इस कार्रवाई पर एडीएम नरेन्द्र थोरी ने आपत्ति की तो कलक्टर ने एडीएम को संसपेड करा दिया।

      इनका कहना है

पूरा मामला कार्यालय में रिवाल्वर लाने से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जिला कलक्टर सदेंश नायक का कहना है कि एडीएम अपने ऑफिस में रिवाल्वर लेकर आते थे। वहीं दूसरी और एडीएम नरेन्द्र थोरी ने रिवाल्वर लाने की बात को गलत बताया है। तत्कालीन एडीएम नरेन्द्र थोरी का कहना है कि वो कभी ऑफिस में रिवॉल्वर लेकर नही आए।