खबर का असर: नसबंदी भुगतान रोकने पर अकाउंटेंट हुआ एपीओ

जहाजपुर (आज़ाद नेब) चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही नसबंदी कराने के 4 माह बाद भी नहीं मिला भुगतान की खबर चलने के बाद ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जीपी गोयल ने अकाउंटेंट संदीप शर्मा को दोषी मानते हुए उन्हें अग्रिम आदेश तक मुख्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भीलवाड़ा के कार्यालय में उपस्थिति देने हेतु आदेशित किया है।

चिकित्सालय प्रशासन खबर चलने के बाद लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की है। गौरतलब है कि
एक तरफ तो सरकारें जनसंख्या नियंत्रण एवं परिवार नियोजन के लिए लोगों मे जागरूकता पैदा करने के लिए कई कार्यक्रम चलाकर लोगों को नसबंदी कराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

वही क्षेत्र के शक्करगढ अस्पताल में कुछ कार्मिकों की हठधर्मिता व लापरवाही से नसबंदी कराने वाली महिलाओं को अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया है। ज्ञात रहे सरकार द्वारा साधारण नसबंदी कराने चौदह सो रुपए वह मोटिवेटर को दो सो रुपए, डिलीवरी के कुछ दिनों बाद नसबंदी कराने पर 2200 रुपये व मोटिवेटर को तीन सो रुपए, पुरुष नसबंदी कराने पर दो हजार रुपये और मोटिवेटर को तीन सो रुपए प्रोत्साहन के रूप में दिए जाते हैं।

जो कि नसबंदी के सात दिनों में मिल जाती है। लापरवाही की हद हो चुकी है चार माह होने के बावजूद भी राशि नहीं मिल पाना अस्पताल के नुमाइंदों पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

जानकारी देते हुए आपको बताते चलें कि 24 नवंबर 2019 को शक्करगढ़ क्षेत्र के 18 महिलाओं ने, 08 दिसंबर 2019 को 23 महिलाओं ने, 22 दिसंबर 2019 को 26 महिलाओं ने 12 जनवरी 2020 को 16 महिलाओं ने, कुल 24 नवंबर 2019 से 12 जनवरी 2020 तक 83 महिलाओं ने नसबंदी करवाई है। जिनको अभी तक भुगतान नहीं मिल पाया है।

जानकारी के अनुसार पूर्व में संपर्क पोर्टल पर नसबंदी के भुगतान नहीं मिलने पर दिसंबर माह में ऑनलाइन शिकायत की गई थी जिसका निस्तारण ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी जहाजपुर द्वारा कर दिया गया जिसमें यह लिखा कि डॉक्टर कमल खिड़िया के अवकाश से वापस आने पर सभी नसबंदी कराने वालों का भुगतान कर दिया जाएगा।