कमांडो की कायलाना में तीसरे दिन भी तलाश, नेवी के मार्काेस को लगाया

Jodhpur News । अभ्यास के लिए कायलाना सागर में कूदने के बाद लापता हुए भारतीय सेना के पैरा 10 कमांडो के कैप्टन अंकित गुप्ता का शनिवार को तीसरे दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा। उनको लापता हुए 54 घंटों से अधिक समय हो गया है। सेना के विशेषज्ञों ने तीसरे दिन शनिवार सुबह नए सिरे से खोज अभियान शुरू किया है। शुक्रवार की तुलना में शनिवार को ज्यादा नावों के साथ खोज अभियान शुरू किया गया है। प्रत्येक टीम एक निश्चित दायरे के भीतर तलाश कर रही है। उनकी तलाश के लिए दिल्ली से एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है। स्थानीय गोताखोरों के साथ सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ और आरएसी के जवान भी तलाश में लगे है लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पाया।

कैप्टन अंकित गत गुरुवार को दोपहर में अभ्यास के दौरान हेलिकॉप्टर से तख्त सागर जलाशय में कूदे थे। उनके साथ कूदे तीन अन्य कमांडो तो बाहर निकल आए लेकिन कैप्टन अंकित बाहर नहीं निकल पाए। उनका अभी तक पता नहीं चल पाया है। जलाशय में लापता कैप्टन अंकित की तलाश के लिए सेना ने दिल्ली से भी विशेषज्ञ बुलाए हैं। आज अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की गई। तखतसागर के चप्पे-चप्पे की तलाशी के लिए अलग-अलग टीमों को एक निश्चित क्षेत्र में तलाशी की टास्क सौंपी गई है। करीब 61 फीट भराव क्षमता वाले तखत सागर में इस समय 46 फीट पानी भरा हुआ है। इसका तल समतल नहीं होकर पहाड़ी क्षेत्र है। साथ ही इसमें बहुत अधिक झाडिय़ां उगी हुई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पानी की गहराई में जाने के दौरान अंकित इनके बीच में कहीं फंस गए होंगे। इसे ध्यान में रखकर गोताखोर नए सिरे से झाडिय़ों में उन्हें तलाश कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि अभ्यास के दौरान 10 पैरा के कमांडो को एक हेलिकॉप्टर से पहले अपनी बोट को पानी में फेंक स्वयं भी कूदना था। इसके बाद उन्हें बोट पर सवार होकर दुश्मन पर हमला बोलना था। इस अभियान के तहत कैप्टन अंकित के नेतृत्व में 4 कमांडो ने तख्त सागर जलाशय में पहले अपनी नाव को फेंका और उसके बाद खुद भी पानी में कूद पड़े। तीन कमांडो तो नाव पर पहुंच गए लेकिन कैप्टन अंकित नहीं पहुंच पाए। उनके साथ कमांडो ने थोड़ा इंतज़ार करने के बाद किसी अनहोनी की आशंका से स्वयं पानी में उतर खोज शुरू की। साथ ही अपने अन्य साथियों के माध्यम से जोधपुर स्थित मुख्यालय पर सूचना दी। इसके बाद 10 पैरा के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और खोज अभियान शुरू किया।