100 घंटे से लापता कैप्टन की वाटर कैमरों से तलाश

Jodhpur News।  डूबतों को बचाने के पूर्वाभ्यास के दौरान तख्तसागर में डूबे सेना की 10 पैरा यूनिट के कैप्टन अंकित गुप्ता का सोमवार को पांचवे दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। सर्द हवाओं के बीच ठंड में करीब सौ से अधिक पारंगत गोताखोर अनवरत तलाश में जुटे हुए है लेकिन कैप्टन का कोई पता नहीं लग पाया है। उनके लापता हुए करीब सौ घंटे पूरे हो गए है। इधर सेना ने कुछ और गोताखोरों के साथ पानी में देखने वाले कुछ कैमरे मंगाए है। आज इनकी सहायता से तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

भारतीय सेना ने सोमवार सुबह दिन निकलने के साथ जोधपुर के तख्त सागर जलाशय में पांच दिन से लापता कैप्टन अंकित गुप्ता की खोज का अभियान शुरू किया। मार्कोस कमांडो व गोताखोरों को सफलता मिलता नहीं देख सेना ने आज बीस गोताखोरों व विशेषज्ञों की टीम को विशेष रूप से जोधपुर बुलाया। यह टीम अपने साथ पानी में देखने वाले कैमरे भी लेकर आई है। इन कैमरों को पानी में डाल नाव में बैठ विशेषज्ञ पानी के भीतर का पूरा नजारा देख कैप्टन अंकित गुप्ता को तलाश कर रहे है। सेना ने कल देर रात बारह बजे तक खोज अभियान चलाया। आज दिन निकलते ही एक बार फिर से अभियान शुरू किया गया। सेना के साथ मालवीय बंधु व एनडीआरएफ की टीम भी कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान में जुटी है। खोज में जुटे विशेषज्ञों के लिए कैप्टन अंकित को खोज पाना बहुत बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। गोताखोरों ने पूरा तख्त सागर छान मारा लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली। देश के सर्वोच्च गोताखोरों की लम्बी-चौड़ी फौज व संसाधन भी कैप्टन को ढूंढ़ नहीं पा रही है। बतौर कमांडो कैप्टन का नहीं मिलना सेना के साथ शहरवासियों के बीच आश्चर्य का विषय भी बना हुआ है। सभी के जहन में बार-बार एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर कैप्टन कहां चले गए?

उल्लेखनीय है कि सेना की 10 पैरा यूनिट के टॉप चयनित कमाण्डो गत गुरुवार को दोपहर करीब बारह बे डूबतों को बचाने का अभ्यास कर रहे थे। हैलिकॉप्टर ने रस्सी की मदद से पांच कमाण्डो को तख्तसागर झील के बीचों-बीच उतारा था। अभ्यास के बाद चार कमाण्डो रस्सी पकडकऱ हैलिकॉप्टर में पहुंच गए, लेकिन कैप्टन अंकित गुप्ता गहरे पानी में लापता हो गए। कैप्टन व कमाण्डो को पानी में डूबने वालों को एयर लिफ्ट करना था। कैप्टन अंकित को झील से बाहर निकालने के लिए सेना, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ व मालवीय बंधु के गोताखोर के अलावा देश के सर्वोच्च नेवी के मार्कोस गोताखोर, एनडीआरएफ की पूरी टीम तलाश कर रही है। पुलिस व गोताखोरों को अंदेशा है कि सर्दी व ठण्डे पानी की वजह से उन्हें हार्ट अटैक आ गया होगा। फिर उनके झील में जमी काई या झाडिय़ों में फंसने का अंदेशा है। बता दे कि 61 फीट भराव क्षमता वाले तख्तसागर में इस समय 46 फीट पानी भरा हुआ है। इसका तल समतल नहीं होकर पहाड़ी क्षेत्र है। साथ ही इसमें बहुत अधिक झाडिय़ा उगी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि पानी की गहराई में जाने के दौरान अंकित इनके बीच में कहीं फंस गए होंगे। इसे ध्यान में रख गोताखोर झाडिय़ों में उन्हें तलाश कर रहे है।