जहाजपुर : घटयात्रा 1008 महिलाएं केसरियां परिधान में सिर पर कलश लिए होंगी शामिल

जहाजपुर (आजाद नेब) धार्मिक नगरी जहाजपुर में शुक्रवार सुबह घटयात्रा के साथ आठ दिवसीय श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ का आगाज होगा। 31 जनवरी से 7 फरवरी तक होने वाले इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में संत व श्रद्धालु शामिल होंगे। गुरूवार को देश के विभिन्न अंचलों से जैन संतों व श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी रहा। आयोजन समिति कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी ताकत के साथ जुटी हुई है। आयोजन स्थल स्वस्तिधाम को इंद्रलोक राजगृही नगरी नाम दिया गया है।

जहाजपुर : घटयात्रा 1008 महिलाएं केसरियां परिधान में सिर पर कलश लिए होंगी शामिल 1
पंचकल्याणक आयोजन महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनोद जैन टोरड़ी व महामंत्री ज्ञानेंद्र जैन ने बताया कि आचार्य ज्ञान सागर महाराज ससंघ व आर्यिका सवस्ति भूषण माताजी के सानिध्य में होने वाले इस आयोजन के पहले दिन शुक्रवार सुबह 10 बजे जहाजपुर चौराहे से गाजे बाजे के साथ अनूठी घटयात्रा निकलेगी, जो विभिन्न मार्गो से होते हुए आयोजन स्थल पहुंचेगी। यात्रा में 1008 महिलाएं केसरियां परिधान में सिर पर मंगल कलश लिए चलेगी।

आयोजन स्थल पर कलश जल से शुद्धिकरण किया जाएगा। आयोजन समिति के महामंत्री ज्ञानेंद्र जैन ने बताया कि स्वस्तिधाम परिसर में शाम 7 बजे से नाट्य लोक सांस्कृतिक एवं स्वस्थि गाथा की प्रस्तुति होगी।

60 हजार स्क्वायर फीट के वाटरपू्रफ पांडाल में होंगे आयोजन


पंचकल्याणक आयोजन महोत्सव समिति जहाजपुर के अध्यक्ष विनोद जैन टोरड़ी ने बताया कि कुल 102 बीघा में कार्यक्रम रहेगा। इसमें से 60 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर वाटरपू्रफ पांडाल बनाया गया है, जिसमें हर दिन धार्मिक आयोजन होंगे, यहां 5 हजार स्क्वायर फीट एरिया में मुख्य मंच बनाया गया है जहां से महाराजश्री के प्रवचन होंगे।

श्रद्धालुओं के बैठने के लिए आधुनिक कारपेट बिछाया गया है। पांडाल में दिव्यांगजनों व बुजुर्गो के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। आवास व्यवस्था संयोजक श्रेयांश जैन ने बताया कि 200 एक्सपर्ट कारीगरों की टीम ने डेढ माह की अवधि में यह 60 हजार स्क्वायर फीट का पांडाल तैयार किया।


प्रचार प्रसार के प्रभारी मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि आयोजन स्थल पर करीब 80 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में भोजन शाला का आधुनिक वाटरपू्रफ पांडाल बनाया है। हर रोज करीब 25 हजार लोगों के लिए शुद्ध सात्विक सूर्यास्त पूर्व भोजन की निःशुल्क व्यवस्था रहेंगी। आयोजन स्थल को अलग-अलग भागों में सुविधानुसार विभाजित किया है।

650 आधुनिक आवास बनाए गए है, वहीं आधुनिक डोम की भी व्यवस्था की गई। आवास, भोजन व पार्किंग की बेहतर व्यवस्था की है। पूरे परिसर में 100 सीसी कैमरे लगाए गए हैं। 24 घंटे सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहेंगे। करीब 175 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। परिसर में एक अस्थाई पुलिस चौकी भी बनी है।

संतों की हुई अगवानी, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु


प्रचार प्रसार के प्रभारी मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि गुरुवार को जैन संत आचार्य सुव्रत सागर महाराज, उपाध्याय श्रेय सागर महाराज ससंघ जहाजपुर पहंुचे। यहां आचार्य विनित सागर महाराज के सानिध्य में आयोजन समिति अध्यक्ष विनोद जैन टोरड़ी, महामंत्री ज्ञानेंद्र जैन ने श्रीफल भेंट कर मुनिराजों की अगवानी की गई। गाजे बाजे के साथ संतों को आयोजन स्थल लेकर पहंुचे। मार्ग में जगह-जगह पर श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन कर आशीर्वाद लिया।

इस दौरान वीरेंद्र जैन, संजय जैन, मनोज जैन आदिनाथ सहित बड़ी संख्या में समिति पदाधिकारी व श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहे। जैन संतों के अलावा रात तक देशभर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा।

7 फरवरी तक होने वाले कार्यक्रमों पर एक नजर


1 व 2 फरवरी, को गर्भकल्याणक सोलह स्वप्न एवं सपनों का फल। 3 फरवरी को जन्म कल्याणक, राजा सुमित्र का दरबार और सौधर्म इंद्र का तांडव नृत्य। 4 फरवरी को तपकल्याणक व संस्कार फिल्म प्रदर्शनी एवं मुनिसुव्रत कुमार की बारात। 5 फरवरी केवल ज्ञानकल्याणक व भजन संध्या। 6 फरवरी को भगवान का समवशरण व विशाल कवि सम्मेलन। 7 फरवरी को मोक्षकल्याणक, महामस्तकाभिषेक।