जहाजपुर/ दशलक्षण लक्षण पर्व आज से प्रारंभ, जिनालयों में होगी पूजा अर्चना

जहाजपुर (आज़ाद नेब) पर्यूषण जैन धर्म का मुख्य पर्व है। जैन धर्म के श्वेतांबर इस पर्व को 8 दिन और दिगंबर संप्रदाय में 10 दिन तक मनाया जाता है। जिन्हें प्रचलित भाषा में दसलक्षण पर्व के नाम से भी संबोधित किया जाता है। आर्यिकारत्न स्वस्ति भूषण माताजी ने बताया कि पर्यूषण पर्व का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध करके आवश्यक विधाओं पर ध्यान केंद्रित करना, पर्यावरण का शोधन करना तथा संत और विद्वानों की वाणी का अनुसरण करना है।

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इस व्रत को विधिपूर्वक करने से हमारे अशुभ कर्मों का क्षय होकर हमें पुण्‍यबंध, मोक्ष तथा उत्‍तम शरीर प्राप्ति होगी। सुगंध दशमी के दिन पांच पापों यानी हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील और परिग्रह का त्‍याग करें।

दशमी के दिन खास तौर पर सभी मंदिरों में विशेष साज सज्जा के साथ आकर्षक मंडल विधान सजाएं जाते हैं तथा धर्म के बारे में समझाते हुए झांकियों का निर्माण किया जाता है। रात्रि को मदिरों में सुगंध दशमी कथा का वाचन भी किया जाता है।