नाम वापसी के बाद खुलेगी कांग्रेस-भाजपा के दावों की हकीकत

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Jaipur News । प्रदेश के जयपुर, जोधपुर और कोटा के छह नगर निगम के लिए प्रस्तावित चुनाव के लिए नामवापसी का गुरुवार को अंतिम दिन हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बुधवार को छहों निगम में 37 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया था। डेमेज कंट्रोल के लिए कांग्रेस और भाजपा ने अपने विधायकों के साथ प्रमुख पदाधिकारियों को एक्टिव कर दिया हैं। दोनों दल दावा कर रहे हैं कि टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को मना लिया जाएगा। गुरुवार शाम तक स्थिति साफ हो जाएगी कि छहों निगम में दोनों दलों को चुनौती देने वाले कितने बागी मैदान में डटे हैं।


पार्टी से टिकट नहीं मिलने के चलते जयपुर हेरिटेज और ग्रेटर समेत जोधपुर और कोटा के कई वार्डों में बागी के रूप में प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान में ताल ठोक रखी है, जो हार-जीत का समीकरण बिगाड़ सकते हैं। गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापसी का दिन है। दोनों ही पार्टियों ने विधायकों और बड़े नेताओं को बागी प्रत्याशियों को मनाने की बागडोर दी है। पार्टियों को उम्मीद है कि गुरुवार को नामांकन वापसी के अंतिम दिन कई वार्डों में बागी के रूप में चुनावी मैदान में ताल ठोकने वाले प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 


निर्दलीयों से भी साधा जा रहा संपर्क


निगम चुनाव प्रक्रिया के तहत जिन वार्डों में राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए हैं वहां अब निर्दलीयों से समर्थन लेने की जुगत बिठाई जा रही है। कांग्रेस-भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस कवायद में अपने-अपने नेताओं को सक्रिय किया जा चुका है। जयपुर, जोधपुर व कोटा के छह नगर निगमों में ऐसे कई वार्ड रहे, जहां या तो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के नामांकन किन्ही कारणों से खारिज हो गए। या फिर वे नामांकन दाखिल कर पाने से ही वंचित रह गए। इससे दोनों ही दलों को ज़बरदस्त झटका लगा है। पार्टियों की रणनीति के तहत अब निर्दलीय प्रत्याशियों से संपर्क कर उनसे समर्थन का गणित बिठाया जा रहा है। ये कवायद गुरुवार को नामांकन वापसी की प्रक्रिया ख़त्म होने के बाद शुरू होगी। नामांकन वापसी के बाद ये तस्वीर साफ हो जाएगी कि वार्डों में कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष रह गए हैं, तब निर्दलीयों को साधने की रणनीति पर अमल होगा। 


रणनीति के तहत पहले निर्दलीयों की हिस्ट्री खंगाली जाएगी। उनमें से जो पार्टी को मजबूत और जिताऊ प्रत्याशी लगेगा उससे समर्थन देने के लिए संपर्क साधा जाएगा। चुनाव बाद नगर निगम में बोर्ड बनने से लेकर मेयर तक के चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। पूर्व में कई बार ऐसी स्थितियां बनीं, जब राजनीतिक दलों के समर्थित निर्दलीय पार्षदों ने उन्हें मुश्किल समय में संकट से उबारा है। जयपुर के हैरिटेज और ग्रेटर नगर निगमों में कुल 8 वार्ड ऐसे हो गए हैं जहां भाजपा-कांग्रेस का कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं है। हैरिटेज निगम के वार्ड 6 और वार्ड 7 में भाजपा का प्रत्याशी नहीं है तो हैरिटेज निगम में ही वार्ड 89 में कांग्रेस का कोई उम्मीदवार नहीं है। इसी तरह ग्रेटर निगम के वार्ड 56, वार्ड 58, वार्ड 134 में भाजपा प्रत्याशियों के जबकि वार्ड 135 में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन खारिज हुए हैं।