ला-नीना का असर ,तीन दिन शीतलहर की चेतावनी

Jaipur News । राजस्थान में मंगलवार देर रात आधा दर्जन से अधिक जिलों में मौसम में आए परिवर्तन के बाद हुई बूंदाबांदी से ठिठुरन बढ़ गई। बूंदाबांदी ने कई स्थानों पर देवउठनी एकादशी की शादियों में खलल डाला। मौसम विभाग ने 27 नवंबर से 3 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर की चेतावनी दी है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीती रात जैसलमेर, कोटा, अजमेर, बीकानेर और चूरू सहित कई जिलों में रिमझिम बारिश हुई। बारिश के बाद मौसम में ठिठुरन का शुमार हो गया।

मौसम विभाग का आकलन है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी रहेगा। विभाग ने 27 से 29 नवंबर तक झुंझुनूं, सीकर, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर में शीतलहर चलने की चेतावनी दी है। अरब सागर में विभिन्न तंत्र सक्रिय होने और निवार चक्रवात के असर के चलते प्रदेश के मौसम में बदलाव का दौर जारी है। बदले मौसम के कारण बुधवार रात से गुरुवार को सुबह तक कई जिलों में बारिश हुई और ओले गिरे। इससे तापमान में गिरावट आ गई है और सर्दी का असर बढ़ गया।
बीती रात बुधवार को राजधानी के तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडा माउंटआबू रहा। यहां तापमान पांच डिग्री दर्ज किया गया। वनस्थली का तापमान 8 डिग्री, पिलानी का 11.9, जैसलमेर का 10.9, श्रीगंगानगर का 10.8, चूरू का तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान चितौडग़ढ़ का 31 डिग्री, फलौदी का 30 डिग्री, सवाईमाधोपुर का 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि इस बार अन्य सालों के मुकाबले प्रदेश में कड़ाके की सर्दी पड़ेगी। ला-नीना का असर प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से प्रभावी होगा। इस दौरान तापमान सामान्य से कम रहता है। मौसम विशेषज्ञों ने इस साल बीते 10 साल में सबसे ठंडा साल होने का अनुमान जताया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ-साथ मैदानी इलाकों में हल्की बारिश के साथ ठंड पड़ेगी।