गहलोत सरकार ने किया भूमि निष्पादन नियम 1974 में संशोधन,आमजन को राहत, लीज हैल्ड से फ्री होल्ड

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File Photo -Ashok Gehlot

Jaipur News । राज्य सरकार ने नगरीय भूमि निष्पादन नियम 1974 में संशोधन करते हुए आमजन को बड़ी राहत प्रदान की है। नगरीय विकास आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नगरीय भूमि निष्पादन नियम 1974 के नियम 10 17(2) में आवश्यक संशोधन करते हुए शहरी निकायों द्वारा निश्चित दर पर लाॅटरी से भूखण्ड आवंटन में स्वयं एवं आश्रितों के नाम कहीं भी भूखण्ड/मकान नहीं होने की शर्त को हटाकर राज्य सरकार ने आम जन को राहत दी है।

उन्होनें कहा कि लीज होल्ड से फ्री होल्ड करवाने के नियम में भी सरलीकरण किया गया है। संशोधन के अनुसार अब से आवासीय व्यावसायिक भूखण्डों में 10 साल की लीज एक साथ जमा करवाकर भूखण्ड फ्री होल्ड करवाये जा सकेंगें। जिन भवन एवं भूमि मालिकों ने पूर्व में 8 साल की लीज एक साथ जमा करवा रखी है वें भी 02 वर्ष की लीज एक साथ जमा करवाकर अपने भवन/भूखण्ड को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करवा सकंेगें।

धारीवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने जनहित में एक ओर बड़ा निर्णय लिया है जिसके तहत लीज जमा कराने का सरलीकरण करते हुये व्यावसायिक में आरक्षित दर की 05 प्रतिशत लीज, और अन्य सभी में आरक्षित दर की 2.5 प्रतिशत लीज की गई है।

उन्होनें कहा कि निलामी एवं आवंटन भूखण्डों के संबंध में भी आमजन को राहत देते हुए निर्णय लिया गया है कि नीलामी आवंटन भूखण्ड एवं सभी प्रकार के भूखण्डों में निर्माण अवधी समान रखते हुये 05 वर्ष में निर्माण करना आवश्यक किया है। नीलामी के भूखण्डों में यदि 05 से 10 वर्ष की अवधी में कोई निर्माण नहीं करता है तो प्रचलित आरक्षित दर की 01 प्रतिशत राशि जमा करवाकर निर्माण अवधी विस्तार करवा सकता है।

यदि 10 वर्ष पश्चात् भी भूखण्ड पर निर्माण नहीं किया जाता है तो संबंधित निकाय नोटिस देकर भूखण्ड का आवंटन निरस्त कर देगी। स्वतंत्र भूखण्डों में एक ईकाई निर्माण (एक कमरा, रसोई एवं लेटबाथ) न्यूनतम करना आवश्यक होगा। अन्य बड़े भूखण्डों में आच्छादित क्षेत्र में भूखण्ड में 1/5वें भाग तक न्यूनतम निर्माण आवश्यक है।