अशोक गहलोत सरकार के मंत्री फेल, सतीश पूनिया की रणनीति कर गई काम

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Jaipur News । राज्य में सत्तारूढ अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ लगातार मुखर हो रही भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में अपनी रणनीति पर अमल कर गांवों की सरकार बनाने में बाजी मार ली। सत्ता में काबिज होने के बावजूद अशोक गहलोत सरकार के मंत्री अपने इलाकों में ही पार्टी को बढ़त दिलाने में नाकाम साबित हुए। गांवों में भाजपा ने कांग्रेस से ज्यादा सीटें हासिल की। नतीजों ने साफ कर दिया कि राजधानी जयपुर से प्रदेश के दूर-दराज गांवों तक अपनी पहुंच बनाने में गहलोत सरकार के मंत्री सफल नहीं हो सके। इन चुनावों में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद डोटासरा, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना व खेल राज्य मंत्री अशोक चांदना के क्षेत्रों में भी कांग्रेस हार गई है। सरकार के सिर्फ चार मंत्री अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं। प्रदेश में हनुमानगढ़ व प्रतापगढ़ दो जिले ऐसे भी हैं, जहां से कोई मंत्री नहीं हैं, फिर भी वहां कांग्रेस जीती है।

पंचायत चुनाव के लिए भाजपा ने जमीनी स्तर पर रणनीति बनाई थी। प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्‍द्र सिह शेखावत, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, वरिष्ठ नेता गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़ सहित कई नेता व पार्टी कार्यकर्ता इस काम में जुटे थे।  रणनीति के तहत भाजपा के कार्यकर्ता और नेता लगातार गांवों में पहुंच रहे थे।  वे इस मुद्दे पर आमजन को विश्वास दिलाने में जुटे थे कि मोदी सरकार की ओर से लाए गए किसान बिलों से उन्हें नुकसान नहीं होगा। साथ ही किसान कर्ज माफी पर कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी, बेरोजगारी और प्रदेश में बिगडती कानून व्‍यवस्‍था को भी भाजपा मुद्दा बनाने में सफल रही।

गहलोत सरकार के मंत्री पिछड़े

वर्ष 2015 में वसुंधरा राजे सरकार के दौरान जिला परिषद की 21 सीटें भाजपा व 12 कांग्रेस ने जीती थीं। 2008 में गहलोत सरकार में कांग्रेस ने 24, भाजपा ने 8 व एक निर्दलीय ने जीती थी। जबकि, इस साल जिला परिषदों व पंचायत समिति चुनावों में कांग्रेस को प्रदेश में सत्ता होने के बावजूद मुंह की खानी पड़ी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के इलाके सीकर के लक्ष्मणगढ़ से कांग्रेस को 25 में केवल 11, भाजपा को 13 और एक निर्दलीय प्रत्याशी को पंचायत समिति में जीत मिली। पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक की पंचायत समिति में 19 में से 9 सीटों पर भाजपा, 7 पर कांग्रेस और तीन पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के इलाके अजमेर में 11 पंचायत समितियों में से 9 पर भाजपा को बढ़त मिली है और दो में कांग्रेस को। सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के क्षेत्र निंबाहेड़ा पंचायत समिति की 17 में से 14 सीटों पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस ने जीत पाई। खेल मंत्री अशोक चांदना के क्षेत्र हिंडौली में 23 में से 13 पंचायत समितियों में भाजपा और 10 में कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है। उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी के क्षेत्र नावां में 21 में से 14 पंचायत समितियों में भाजपा, 6 में कांग्रेस और एक में आएलपी ने जीत हासिल की। हालांकि बीकानेर जिला परिषद सदस्य के लिए ऊर्जा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला और उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी, बांसवाड़ा जिला परिषद सदस्य के लिए एसटी सीट से जीते अर्जुन बामणिया, जैसलमेर जिला परिषद के लिए अल्पसंख्यक मंत्री सालेह मोहम्मद की थोड़ी मेहनत झलकी है। बाड़मेर जिला परिषद सदस्य के लिए मुकाबला बराबरी का है। यहां राजस्व मंत्री हरीश चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर है।

इसलिए हारती चली गई कांग्रेस

इन चुनावों में कांग्रेस के पास संगठन की गैर मौजूदगी से न तो प्रदेश और न ही जिला स्तर पर कांग्रेस का सांगठनिक दबदबा दिखा। पूरे चुनाव में कांग्रेस विधायकों के भरोसे रही। विधायकों को सिंबल दे दिए गए। पिछले दिनों जयपुर, कोटा और जोधपुर नगर निगम चुनावों में भी इसका खामियाजा कांग्रेस को उठाना पड़ा था। कांग्रेस पर टिकट बंटवारे में परिवारवाद के आरोप लगे। विधायकों ने ज्यादातर टिकट रिश्तेदारों को बांटे। नाराजगी बढ़ी। टिकट बेचने के भी आरोप मंढे गए।

सरकार को मुंह की खानी पड़ी है- पूनियां

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि परिसीमन में धांधली, धर्म की आड़ में जोड़-तोड़ से वोटों की रोटियां सेंकने की जुगत में सत्ता के सहारे सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से सत्ता बल- धन बल के जरिए पंचायतीराज पर एकतरफा काबिज होने के कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को मुंह की खानी पड़ी है। सत्ता बल के आगे भाजपा के कार्यकर्ताओं का पसीना जीता है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस सरकार के झूठे दावों को नकारकर भाजपा पर विश्वास जताया है। पंचायती राज चुनावों के ये परिणाम कांग्रेस सरकार के झूठ, फरेब, दंभ व अहंकार की पराजय है। भाजपा की जीत केन्द्र की मोदी सरकार पर जनता के विश्वास की विजय है।