निकाय चुनाव – भाजपा और कांग्रेस को बगावत का डर, सूची नही करेंगे जारी , केवल…

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Jaipur News । राजस्थान में 20 जिलों की 90 निकायों में होने वाले चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष कांग्रेश और विपक्षी दल भाजपा में प्रत्याशियों के चयन को लेकर जहां एक और मंथन अभी शाम तक जारी था वहीं दूसरी ओर दोनों ही पार्टियों द्वारा शक्तियों के टिकट वितरण और नाम सार्वजनिक होने पर बगावत का डर सता रहा है और दोनों ही पार्टियों द्वारा संभवतया तय प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं कर के उन प्रत्याशियों को फोन पर ही नामांकन दाखिल करने की सूचना आज देर रात तक मिल जाएगी और उनके सिंबल दोनों ही पार्टियों के चुनाव प्रभारी सीधे ही रिटर्निंग ऑफिसर को देंगे ।

भाजपा में मंथन आज रात होंगे नाम फाइनल

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को भी निकाय चुनाव प्रत्याशी चयन को लेकर बैठकों का दौर जारी है। आज तीन जिलों प्रतापगढ़, बूंदी और हनुमानगढ़ के निकायों से आये तीन-तीन नामों के पैनल पर चर्चा हो रही है। चुनाव संचालन समिति से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में एक-एक नामों पर मुहर लगाई जाययेगी । इससे पहले कल दिनभर चली ‘माथापच्ची’ के बाद 17 जिलों के निकायों पर प्रत्याशी चयन की टास्क पूरी की गई ।

भाजपा को भी प्रत्याशी चयन के बाद वंचित रहे दावेदारों और उनके समर्थकों की बगावत का डर सता रहा है। दरअसल पिछली बार भी निकायों में प्रत्याशी चयन के बाद नेता-कार्यकर्ताओं ने अनदेखी का आरोप लगाते हुए ज़बरदस्त विरोध जताया था। कई निकायों में बागी हुए दावेदारों ने चुनाव मैदान में डटकर निर्दलीय नामांकन भरे और भाजपा प्रत्याशी को ही चुनौती दे डाली। इसका खामियाजा भी पार्टी को भुगतना पड़ा था और इस बार भी संभवतया यही स्थिति नजर आ रही है

नगर निकाय चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की टीम प्रदेश भाजपा मुख्यालय में बैठकर ग्रीन सिग्नल देने का काम कर रही है। इनमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया शामिल हैं। ये टीम चुनाव के लिए नियुक्त किये गए निकाय, जिला और संभाग प्रभारियों के फीडबैक के आधार पर तीन-तीन नामों के पैनल में से किसी एक नाम पर आमराय बनाने की कवायद जारी है और आज देर रात तक सभी जिलो की निकायो के लिए प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए जाएंगे । प्रभारियों पर ही अपने-अपने निकायों में जाकर प्रत्याशियों को सूचित करने से लेकर पार्टी के अधिकृत सिम्बल वितरित करने और नामांकन भरवाने की ज़िम्मेदारी रहेगी। इस ‘फ़ॉर्मूले’ से प्रत्याशी चयन के बाद संभावित बगावत को कम किया जा सकेगा।
अधिकृत और चयनित प्रत्याशियों को आज देर रात तक या कल सवेरे फोन पर उनको चैन की सूचना दी जाकर आवेदन भरने के निर्देश जारी होंगे सिंबल सिद्धा चुनाव अधिकारी को चुनाव प्रभारी और जिला अध्यक्ष जा कर देंगे ।

कांग्रेस की रणनीति यह

प्रदेश के 20 जिलों के 90 निकायों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशियों की सूची आज फाइनल हो जाएगी। आज रात तक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा प्रत्याशियों की सूची के नामों को फाइनल कर उन पर मुहर लगाकर सूची पुनः पर्यवेक्षकों को सौंप देंगे। इसके बाद पर्यवेक्षक अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में जाकर प्रत्याशियों को सूचना देंगे। इससे पहले पर्यवेक्षकों ने प्रभार वाले जिलों में तीन दिन तक दावेदारों की रायशुमारी की और उनका जमीनी फीडबैक लिया और तीन-तीन नामों का पैनल तैयार करके बुधवार रात को पैनल पीसीसी को सौंप दिए, वहीं कई पर्यवेक्षकों ने आज सुबह दावेदारों के पैनल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को सौंपे हैं।

पीसीसी की ओर से दावेदारों में प्रत्याशियों का चयन कर सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है और पर्यवेक्षकों की ओर से आज देर रात तक प्रत्याशियों को फोन करके पार्टी का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित होने की सूचना दी जाएगी ।

कांग्रेस को टिकट वितरण के बाद बगावत का अंदेशा है, प्रत्याशियों की घोषणा सार्वजनिक करने के बाद पार्टी में बड़े स्तर पर बगावत न हो जाए, इसलिए 90 निकायों में भी कांग्रेस पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा सार्वजनिक करने से कतरा रही है। पार्टी में चर्चा है कि प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने की बजाए केवल जिन दावेदारों के नाम प्रत्याशियों के तौर पर अधिकृत किए गए हैं उन्हें फोन के जरिए सूचना देकर नामांकन दाखिल करने को कहा जाएगा। पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा सार्वजनिक नहीं करने का फॉर्मूला पूर्व में 6 नगर निगम चुनाव,पंचायत-जिला परिषद, 50 निकायों में अपनाया गया जो सही साबित हुआ है ।

अजय माकन नाराज

पूर्व में हुए चुनावों में खाली सिंबल देने की शिकायतें मिलने के बाद प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने पर्यवेक्षकों को भरे हुए सिंबल ही देने के निर्देश दिए हैं। 10 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की पहली बैठक में प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने निकाय चुनावों में खाली सिंबल देने पर नाराजगी जताई थी। विदित है कि पार्टी ने इस बार संगठन के पदाधिकारियों को ही पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी सौंपी है। पीसीसी के जिला प्रभारियों को ही पर्यवेक्षकों का जिम्मा दिया गया था, पर्यवेक्षकों ने सोमवार से बुधवार तक अपने अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में पहुंचकर दावेदारों की रायशुमारी कर तीन-तीन नामों की सूचियां तैयार की थी।

90 निकायों में नामांकन की आखिरी तारीख 15 जनवरी दोपहर 3:00 बजे तक ही नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे ।