राजस्थान सरकार अब 129 नगरीय निकायों व पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने की तैयारी

Jaipur News । प्रदेश की 129 नगरीय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव जल्द कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग इसके लिए तैयारियां आरम्भ कर चुका हैं और अब जिला कलक्टरों को इसके लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने हाल ही में जिला कलक्टरों को एक पत्र लिखकर 129 नगरीय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने के लिए जरुरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के 129 निकायों का कार्यकाल अगस्त में पूरा हो चुका है। 


आयोग ने जिला कलक्टरों को रिटर्निंग अधिकारी व सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा है। प्रत्येक नगर पालिका-नगर परिषद के लिए एक रिटर्निंग और एक सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति होगी। यह कार्य 26 अक्टूबर तक करना होगा। निकाय चुनाव में एक बूथ पर 1400 की जगह 700 मतदाता मतदान कर सकेंगे। कलक्टरों को मतदाताओं के अनुरूप नए मतदान केंद्र बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान दलों का गठन करने और गठन के दौरान केंद्र सरकार, अधीनस्थ संस्थाओं के कार्मिक, दिव्यांग कार्मिकों की नियुक्ति नहीं करने की हिदायत दी गई है। साथ ही, 55 साल से अधिक कर्मचारियों को ड्यूटी से मुक्त रखने को कहा गया है। निकायों के चुनाव सभी जगह ईवीएम से कराए जाएंगे। 31 जिलों के 129 निकायों के 4450 वार्डों के लिए चुनाव होंगे।


इसी तरह पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव में 1100 की जगह 900 मतदाता एक बूथ पर मतदान कर सकेंगे। जिला परिषद के चुनाव के लिए कलक्टरों को आरओ नियुक्त किया हुआ है। अब एआरओ की नियुक्ति कलक्टर के प्रस्तावों के आधार पर की जाएगी। पंचायतीराज के चुनाव ईवीएम की उपलब्धता के आधार पर ईवीएम से कराए जाएंगे। साथ ही कोरोना गाइडलाइन की पालना करना सभी के लिए अनिवार्य होगा। यह चुनाव 6 से 8 चरण में कराए जाने की उम्मीद है।

पिछली बार सामान्य परिस्थिति में ही आयोग को तीन चरण में चुनाव कराने पड़े। कोरोना के बढ़ते प्रकोप से मतदाताओं को बचाने के लिए निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान केन्द्रों की संख्या में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। गत चुनाव में 11 सौ मतदाताओं पर एक मतदान केन्द्र बनाया गया। नतीजतन करीब साढ़े 36 हजार मतदान केन्द्र खोले गए। इस बार प्रत्येक केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या घटाकर 850 से 900 की गई है। इसकी वजह से करीब 50 से 55 हजार मतदान केन्द्र खोलने पड़ेगे। ऐसे में प्रत्येक मतदान की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मियों को भी बड़ी संख्या में तैनात करना पड़ेगा। 


राज्य में पुलिस नफरी पहले ही सीमित है। ऐसे में गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने निर्वाचन विभाग को एक साथ की बजाय चरणों में चुनाव कराने का सुझाव दिया है। सभी विभागों में आपसी चर्चा के बाद चरणबद्ध चुनावों पर सहमति बन चुकी है। आयोग ने सभी जिला कलक्टर्स को पत्र लिखकर चुनावी तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।


पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का कार्यकाल इस साल फरवरी में पूरा हो चुका है। आयोग ज्यों ही इनके चुनाव की तैयारी में जुटा, त्यों ही कोरोना महामारी फैल गई। नतीजतन चुनाव स्थगित करने का निर्णय किया गया। शहरी निकाय, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में भी निर्वाचन आयोग मतदान के लिए एक घंटे का अतिरिक्त समय देगा। हाल ही संपन्न ग्राम पंचायत और छह निकायों के चुनाव में भी आयोग ने मतदान का समय बढ़ाया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान एक ही दिन होगा। 

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