डॉक्टर को वीआरएस की अनुमति, लेकिन चुनाव हारने पर वापस करनी पडेगी नौकरी

Jaipur News । राजस्थान हाईकोर्ट ने एसएमएस अस्पताल के गेस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी डॉक्टर को निगम चुनाव लडने के लिए वीआरएस की अनुमति दे दी है, लेकिन अदालत ने शर्त लगाई है कि यदि डॉक्टर चुनाव नहीं लडते हैं या चुनाव हार जाते हैं तो उनके वीआरएस को रद्द माना जाएगा और उन्हें वापस चिकित्सा सेवा में आना पडेगा। अदालत ने इसके लिए चिकित्सक को विभाग में बांड पेश करने को कहा है। न्यायाधीश एसपी शर्मा ने यह आदेश डॉ. भरत सपरा की याचिका पर दिए। 

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता निगम चुनाव लडऩा चाहता है। ऐसे में उसने राजस्थान सिविल सेवा पेंशन नियम के तहत वीआरएस के लिए आवेदन किया, लेकिन उसका आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि अस्पताल में गेस्टोएन्ट्रोलॉजी चिकित्सकों की कमी है। ऐसे में विभाग को निर्देश दिए जाए कि उसका वीआरएस स्वीकार किया जाए, ताकि वह निगम चुनाव लड़ सके। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि चुनाव लडऩा हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में यदि वे चुनाव ना लडे या हार जाए तो उनके वीआरएस को रद्द माना जाएगा। 

Slider