खड्डा बस्ती मामले में नगर निगम मनमानी पर उतारू , कोर्ट आदेश की कर रहा है अनदेखी

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Jaipur News । आदर्श नगर स्थित खड्डा बस्ती की भूमि को लेकर जयपुर नगर निगम मनमानी पर उतारू है। इस मामले में वह कोर्ट के आदेश की पालना करने के बजाय आदेशो को नजरअंदाज कर बडा राजस्व हथियाने के मूड में है। जिसके चलते गत 19 अगस्त को पांच भूखण्डों को बिना खड्डा बस्ती के पुराने रहवासियों को प्राथमिकता दिए 7 करोड रूपए में बेच दिए। जिसे लेकर बस्ती के पुराने बाषिंदों में रोष व्याप्त है तथा इस मामले में प्रिसिपल संक्रेटरी, जेडीए व नगर निगम कमिषनर को बजरिए अधिवक्ता नोटिस तामील कराए गए है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच में डीबी सिविल रिट पीटिशन संख्या 7101/2011 एवं 8325/2014 के आदेश 20 फरवरी 2015 में खड्डा बस्ती के भूखण्ड नीलामी में बस्तीवासियों को प्राथमिकता दिए जाने के आदेष दिए गए है। उक्त आदेष को सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 6315/2015 में 16 दिसम्बर 2016 के आदेश के जरिए अपेल्ड कर हाईकोर्ट के उक्त आदेष को यथावत रखते हुए मामले का निस्तारण किया। उक्त दोनों आदेषों की जयपुर नगर निगम के एमडी जोन एवं उपायुक्त राजस्व ने अवहेलना करते हुए भूखण्डों की नीलामी कर दी। नीलामी से पूर्व और नीलामी वाले दिन तक निगम ने यह नहीं बताया कि वे खड्डा बस्ती के पुराने रहवासियों को किस प्रकार प्राथमिकता देंगे।

पैसे लेकर थमा दिए विवादित फ्लेट्स

अपीलार्थी एवं खड्डा बस्ती विकास समिति के महामंत्री वसीम कुरैशी ने कहा कि नगर निगम कोर्ट के आदेषों की अनदेखी कर रहा है। या तो वह कोर्ट के आदेषों की हुबहू पालना करें या फिर राज्य सरकार की नियमन/पुनर्वास नीति 2005 व 2011 को बिना किसी भेदभाव के मानते हुए खड्डा बस्तीवासियों के साथ न्याय करें, जैसा कि प्रदेष ही नहीं षहर जयपुर की अन्य कच्ची बस्तियों का यथास्थान पुनर्वास/नियमन किया अथवा जो पोसिबल नहीं था उनका अन्य स्थान पर निःशुल्क भूखण्ड के साथ ही तोडे गए मकानों का पीडब्ल्यूडी रेट के हिसाब से मुआवजा दिया गया। जबकि इसके विपरीत खड्डा बस्तीवासियों को कुछ नहीं मिला। जयसिंहपुरा खोर में जो फ्लेट दिए गए उनका भी जेडीए ने पैसा वसूला है और उक्त फ्लेट्स ग्रीन बैल्ट क्षेत्र में है। इकोलाॅजिकल जोन होने के कारण उनका मामला भी वर्तमान में राजस्थान उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में जेडीए एवं नगर निगम ने खड्डा बस्ती वासियों के साथ धोखा किया है। पैसा लेकर उन्हें विवादित फ्लेट्स थमा दिए गए।

मुझे कुछ नहीं मालूम: उपायुक्त एमडी जोन

इस बारे में नगर निगम एमडी जोन उपायुक्त से बात की गई तो वे बोले मुझे कुछ नहीं मालूम, मैं इस बारे में कुछ नहीं जानता। जब उनसे पूछा गया कि एमडी जोन में ही स्थित टृांसपोर्ट नगर स्थित नायकों का टीबा कच्ची बस्ती का पुनर्वास अन्य स्थान पर किया गया तो उन्हें निःषुल्क भूखण्ड व तोडे गए मकानों का मुआवजा भी दिया गया था, तब भी वे बोले की मुझे कुछ नहीं मालूम और फोन डिस कनेक्ट कर दिया।

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