नगर निगम ने की कोर्ट आदेश की अवहेलना,न्याय का दरवाजा खटखटाएंगे

खड्डा बस्ती भूखण्ड मामले में नहीं दी प्राथमिकता

खड्डा बस्ती विकास समिति के महामंत्री वसीम कुरैशी
खड्डा बस्ती विकास समिति के महामंत्री वसीम कुरैशी

Jaipur News । आदर्श नगर स्थित खड्डा बस्ती की भूमि का विवाद गहराता जा रहा है। मामले में जयपुर नगर निगम दादागिरी पर उतारू है। जिसके चलते वह न्यायालय के आदेशो की भी खुले आम अवहेलना कर रहा है। जिससे लोगों में रोष व्याप्त होता जा रहा है। हाल ही नगर निगम ने खड्डा बस्ती के 5 भूखण्डों की नीलामी कर दी। जिसमें खड्डा बस्ती वासियों को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई। बस्तीवासी जब नगर निगम मुख्यालय पहुंचे तो उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया। जिसका वे कोविड-19 के राज्यादेषों की पालना करते हुए अपना विरोध जताया।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच में डीबी सिविल रिट पीटिषन संख्या 7101/2011 एवं 8325/2014 के आदेष दिनांक 20 फरवरी 2015 के बिन्दू संख्या 13 में साफ तौर पर आदेष पारित किया गया है कि खड्डा बस्ती के भूखण्ड नीलामी में बस्तीवासियों को प्राथमिकता दी जाए। उक्त आदेष को सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील संख्या 6315/2015 में आदेष दिनांक 16 दिसम्बर 2016 के जरिए अपेल्ड कर हाईकोर्ट के उक्त आदेष को यथावत रखते हुए मामले का निस्तारण किया। उक्त दोनों आदेषों की जयपुर नगर निगम के एमडी जोन एवं उपायुक्त राजस्व ने अवहेलना करते हुए भूखण्डों की नीलामी कर दी। नीलामी से पूर्व और नीलामी वाले दिन तक निगम ने यह नहीं बताया कि वे खड्डा बस्ती के पुराने रहवासियों को किस प्रकार प्राथमिकता देंगे। बल्कि उन्हें निगम के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया गया। नीलामी की सूचना जयपुर निगम निगम ने एक दैनिक समाचार पत्र में विज्ञापन देकर प्रकाषित करवाई थी, जिसमें भी यह नहीं बताया गया कि खड्डा बस्ती वासियों को निगम किस प्रकार प्राथमिकता देगा।

इस बीच अपीलार्थी एवं खड्डा बस्ती विकास समिति के महामंत्री वसीम कुरैशी ने कहा कि नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेष की पालना किए जाने के बजाय अवहेलना की है, जिसके खिलाफ न्यायालय की षरण ली जाएगी। मामले में निगम षुरू से ही गुमराही का रास्ता अपनाए हुए है। मामले के प्रारम्भ में ही कोर्ट में जयपुर नगर निगम एमडी जोन के उपायुक्त द्वारा झूठा षपथ पत्र देकर गुमराह किया गया तथा फैसला अपने पक्ष में कराने में सफल हो गए। खड्डा बस्ती मामले में दिए गए झूठे षपथ पत्र व अन्य झूठे दस्तावेजों का पटाक्षेप षीघ्र कर सबके सामने लाया जाएगा। वहीं दोषियों को सजा दिलाने के भी प्रयास होंगे।