फिर से सचिन पायलट और अशोक गहलोत टकराव की और

Jaipur news। राजस्थान में कांग्रेस ने सप्ताह संगठन सुधार की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि एक बार फिर से टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।

राजस्थान में प्रभारी बदले जाने के बावजूद परिस्थितियां फिर आमने-सामने होने की दिख रही है और प्रभारी अजय माकन के अजमेर और राजस्थान के जयपुर संभाग के दौरे के बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी के साथ बाड़मेर जिले के विधायकों का प्रभारी से मिलना और यह कहना कि सभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हैं और मात्र एक आदमी नाराज है जो मंत्री बनना चाहता है।

स्पष्ट है कि उनका इशारा चौधरी हेमाराम की ओर था, यानी कि मुख्यमंत्री खेमे के साथ खुद को बताने वाले बाड़मेर के विधायकों की बात की जाए तो उसे एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा होने के संकेत हैं।

एक महत्वपूर्ण बात यह हुई कि जहां 2 दिन के फीडबैक कार्यक्रम में नेताओं ने कहा कि संगठन में उन लोगों को महत्व नहीं मिले जो पार्टी सिंबल के खिलाफ चुनाव लड़े हैं, लेकिन पार्टी सिंबल के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बसपा और निर्दलीय विधायकों को मजबूत पक्ष प्रभारी अजय माकन ने कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ने वालों के लिए स्थिति पैदा कर दी है।

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजमेर संभाग का कार्यक्रम होते, उससे पहले बाड़मेर के विधायक और मंत्री हरीश चौधरी के नेतृत्व में उनसे मिलने पहुंचे। मंत्री हरीश चौधरी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बुक में हैं।

वैसे विधायकों का मिलना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन मुलाकात के बाद यह कहना कि सिर्फ एक आदमी नाराज है, स्पष्ट है कि कांग्रेस आलाकमान की कोशिशों के बावजूद सब कुछ ठीक नहीं लग रहा है।

अजय माकन से मुलाकात करने के बाद विधायक अमीन खान ने कहा कि बाड़मेर के सभी विधायक एकजुट हैं और अशोक गहलोत के साथ हैं। उन्होंने हेमाराम चौधरी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस में कोई खोट नहीं है, केवल एक आदमी नाराज है।

यह नाराजगी मिनिस्टर पद को लेकर है, हमने आज अपनी बात रखी है। कैबिनेट मंत्री के नेतृत्व में इस तरह से 1 जिले के विधायकों का अजय माकन से मिलना और दूसरे पक्ष पर निशाना साधना स्पष्ट है कि एक पक्ष सीधे आलाकमान से टकराव की स्थिति चाह रहा है।

वहीं दूसरा खेमा अभी भी शांति बनाए हुए और आलाकमान की ओर से किए जाने वाले बदलाव की प्रतीक्षा कर रहा है।

दूसरी बार दिल्ली जाने से पहले प्रभारी अजय माकन ने कहा है कि उन्हें किसानों के बिजली की दरों, तबादलों जैसे मामले मिले हैं। अब नेताओं की बात सरकार तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

इसी के साथ उन्होंने निर्दलीय और बसपा के कांग्रेस में आए विधायकों को लेकर कहा कि उन्होंने लोकतंत्र की हत्या होने से बचाई है, जिसे कांग्रेस पार्टी को कभी नहीं भूलना चाहिए।

मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सवाल पर अजय माकन ने कहा है बकि यह काम सरकार और संगठन का है, सही समय आने पर इसे कर लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि जयपुर संभाग के फीडबैक कार्यक्रम में खंडेला, शाहपुरा, दूदू और बस्ती से कांग्रेस सिंबल पर चुनाव लड़ने वाले नेताओं ने निर्दलीयों को तवज्जो देने पर सवाल उठाए थे।

अलवर के नेताओं ने बसपा नेताओं को ज्यादा तवज्जो मिलने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह लोग सरकार के सहयोगी हैं, वहां तक तो ठीक है, लेकिन इन्हें संगठन में तो जो नहीं मिलनी चाहिए।

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