भाजपा में वसुंधरा की पकड़ ढीली, डॉक्टर पूनिया ने 11 माह में जमाई जड़े

Jaipur News । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर 11 माह पूर्व पिछले साल अक्टूबर में ताजपोशी होने वाले डॉक्टर सतीश पूनिया (Dr.Satish Poonia) ने 11 माह के अंदर ही अपनी कार्यशैली कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद और प्रदेश में हर जिला स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को बराबर कोरोना काल में भी बनाए रखना तथा पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं से लगातार संपर्क और संवाद के कारण उन्होंने अपनी जड़ें काफी मजबूत कर ली है इससे ऐसा भी लगने लगा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) की पकड़ ढीली हो रही है और भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी यही चाहता है या यूं कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की मंशा भी यही है ।

भारी जनसैलाब की मौजूदगी में पिछले साल अक्टूबर में विजयादशमी के दिन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का पदभार संभालने से लेकर अब तक संघनिष्ठ डॉ. सतीश पूनियां की संगठन पर पकड़ काफी मजबूत होती जा रही है।

प्रदेश के आमजन एवं युवाओं में लोकप्रियता का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी वजह शुरुआत से ही जनसुनवाई, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से निरंतर संवाद, कोरोना काल में वीडियो कांफ्रेंस एवं ऑडियो काफ्रेंस से भी बराबर संवाद रखा।
अब सरकार की कोविड गाइडलाइन की पालना करते हुये आमजन, कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से सीधे संपर्क में रहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के करीबी एवं विश्वस्त माने जाने डॉ. पूनियां के पदभार ग्रहण समारोह में भी खासियत यह रही कि केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, सहित विभिन्न सांसद, विधायक, पार्टी पदाधिकारी एवं हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सूत्रों के अनुसार डॉ. पूनियां प्रदेश के संगठनात्मक विषयों पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्‌डा, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, केन्द्रीय नेतृत्व के कई प्रमुख नेताओं से मार्गदर्शन लेकर फैसले लेते हैं।

डॉ. सतीश पूनिया ने राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री वी सतीश से भी मार्गदर्शन लेते हैं, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना से विचार-विमर्श करते हैं, तो इस तरीके से संगठन के हर विषय पर संगठन के प्रमुख नेताओं से संवाद करते हैं, विचार विमर्श करते हैं।

डॉ.सतीश पूनिया का प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले पार्टी के नेताओं में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केन्द्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी सहित विभिन्न नेताओं के साथ बहुत अच्छा तालमेल है।

प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद लॉकडाउन से पहले डॉ. सतीश पूनियां करीब 32 जिलों एवं 140 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर चुके हैं।

इस दौरान डॉ.सतीश पूनिया ने विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत पार्टी की मजबूती के लिये कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और कोरोनाकाल में भी मनोबल बढ़ाने का कार्य किया।

केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के करीबी माने वाले डॉ. सतीश पूनियां कांग्रेस सरकार एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कठघरे में खड़ा करने में ट्विटर, फेसबुक पर सक्रिय रहने के साथ ही जमीन पर मुद्दों को उठाने में आगे रहते हैं।

कोटा के सरकार अस्पताल में 100 से अधिक नवजात बच्चों की मौत के मामले को जनवरी में कोटा के सरकार अस्पताल पहुंचकर चिकित्सिकों एवं अन्य स्टाफ से बात कर वहां की व्यवस्थाओं एवं अव्यवस्थाओं की जानकारी ली, साथ में मौजूद स्थानीय भाजपा विधायकों

पार्टी पर अपनी जबरदस्त पकड़ बनाते हुए संगठन की रीति-नीति एवं विचार के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को तवज्जो देने वाले डॉ. पूनियां यह सब कार्य विरोधियों की आलोचना को नजरअंदाज करते हुए निडरता के साथ प्रदेशभर में पार्टी के लिये जमीनी पहुंच बढ़ा रहे हैं, यही बात उनको प्रदेश के अन्य बड़े नेताओं से अलग दिखाती है।

विरोधियों की आलोचनाओं की परवाह ना करते हुये संगठन में नियुक्तियों को अंजाम दे रहे हैं। प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर जिला अध्यक्षों में संघ पृष्ठभूमि एवं संगठन के प्रति समर्पित लोगों को ज्यादा तवज्जो दी गई है।

कांग्रेस सरकार के खिलाफ डॉ. पूनियां ने पूरी पार्टी को एकजुट कर रणनीति बनाकर भाजपा का हल्ला बोल एवं गहलोत सरकार होश में आओ, ये जनआंदोलन सोशल मीडिया से लेकर जमीन पर मजबूती से 28 अगस्त, 29 अगस्त और 31 अगस्त को उठाये गये, जिसे प्रदेश के लगभग 1660 स्थानों पर लाखों कार्यकर्ताओं एवं आमजन का समर्थन मिला।

इसमें पार्टी के सांसदों, विधायकों, जिला अध्यक्षों की भी सक्रिय भागीदारी रही। भाजपा के इस आंदोलन में बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने, फ्यूल सरचार्ज एवं स्थायी शुल्क हटाने, वीसीआर के नाम पर किसानों को प्रताड़ित ना करने, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी, लम्बित भर्तियों को पूरी करने सहित विभिन्न जनहित के मुद्दे शामिल हैं, जिसके आगामी कार्यक्रम 8 एवं 10 सितंबर को आयोजित किये जाएंगे।

वहीं, महीनेभर से अधिक समय पर चले गहलोत-पायलट विवाद के दौरान गहलोत सरकार की बाड़ाबंदी के खिलाफा डॉ. पूनियां ने फ्रंट पर बल्लेबाजी करते हुये कोराना कुप्रबंधन, युवा, किसानों सहित प्रदेश के हर जनहित के मुद्दे पर मोर्चा खोला।

कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ जिस तरह बाडाबंदी के खिलाफ दमदार बैटिंग की उससे पूरे प्रदेश का कार्यकर्ता उनका कायल हो गया और तो और जो उनको जानते नहीं थे वो भी सदन में उनके द्वारा की गई कांग्रेस की जबरदस्त धुलाई से पहचाने लगे हैं।

कोरोनाकाल में भी जनहित के मुद्दों को मुखरता से उठाते हुये मुख्यमंत्री गहलोत को पत्र लिखा था, जिसका असर यह हुआ कि आमजन को तमाम राहतें मिलीं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नक्शेकदम पर चलकर डॉ. सतीश पूनियां रोजाना करीब 16-17 घंटे संगठन के कार्यों में समर्पित रहने के साथ ही कार्यकर्ताओं एवं आमजन से संवाद कर समस्याओं के समाधान करने के प्रति भी गंभीर करते हैं।

जब से डॉ. पूनियां अध्यक्ष बने हैं, पार्टी को मजबूत करने लिए ज्यादातर प्रदेश के दौरे पर रहते हैं, चाहे किसी जिले का बड़ा मुद्दा हो या पार्टी का कार्यक्रम, उनकी सक्रियता एवं मौजूदगी रहती है, इनकी सक्रियता, कार्यकर्ताओं एवं आमजन में बढ़ती लोकप्रियता विरोधियों को भी विस्मित करने वाली है।

जहां अधिकांश बड़े नेता प्रदेश के जनहित के मुद्दों पर ट्वीट और फोन करके वाही वाही लूटना चाहते हैं, ऐसे में कोरोना संक्रमण के दौरान भी लगातार जमीन पर भी बेखोफ होकर जनसेवा के लिये सक्रिय रहे।

व्यक्तित्व में हमेशा सक्रियता, शालीनता एवं जमीनी सोच रखने वाले डॉ. पूनियां 2 सितंबर को जोधपुर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पार्टी के स्तंभ रहे राधाकिशन थानवी के देहांत होने पर शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने फलोदी पहुंचे, ओसियां किसान महापड़ाव में शहीद हुए छात्र नेता पुखराज डोगियाल को पुष्पांजलि अर्पित पैतृक गांव मांडियाई पहुंचे, वहां से जोधपुर पहुंचकर जीवन लाल माथुर को श्रद्धांजलि देने उनके आवास पर पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के निर्देशानुसार एवं आह्वान पर कोरोना काल में डॉ. सतीश पूनियां के नेतृत्व में पार्टी ने प्रदेशभर में किये गये जनसेवा के कार्यों से विशेष छाप छोड़ी।

जुलाई में विभिन्न भाजपा राज्य ईकाइयों के सेवा ही संगठन प्रजेंटेशन के दौरान डॉ. पूनियां ने राजस्थान भाजपा के जनसेवा के कार्यों का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसके बार स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तारीफ करते हुये पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि भाजपा राजस्थान ईकाई के जनसेवा के कार्य, विभिन्न नवाचार अनुकरणीय एवं अनूठे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा डॉ. पूनियां के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा के कार्यों की प्रशंसा करना स्पष्ट संकेत देता है कि डॉ. पूनियां अपनी जनसेवा की कार्यशैली एवं सक्रियता से मोदी के भी चहेते बनते जा रहे हैं।

जेपी नड्‌डा भी डॉ. पूनियां की कार्यशैली एवं नेतृत्व की कई बार प्रशंसा कर पीठ थपथपा चुके हैं, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश भाजपा के कई कार्यक्रमों को संबोधित कर चुके जेपी नड्‌डा डॉ. पूनियां को कर्मशील एवं जुझारू प्रदेशाध्यक्ष कहकर उनको आशीर्वाद देते हैं।

डॉ. पूनियां ने नेतृत्व में कोरोनाकाल में प्रदेशभर के सभी बूथों एवं मंडलों तक 600 से अधिक सहयोग किचन संचालित कर एक करोड़ 90 भोजन पैकेट का वितरण, भामाशाहों, पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के सहयोग से 60 लाख से अधिक राशन पैकेट वितरण, चरण पादुका अभियान, कार्यकर्ताओं, आमजन, भामाशाहों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से करीब 50 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड में प्रदेश भाजपा ने मदद पहुंच पाई, जनसेवा कार्य में लाखों पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारियों, सांसदों एवं विधायकों का पूरा सहयोग रहा।

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