धौलपुर में बेमौसम बरसात और सर्द हवाओं ने बढाई ठिठुरन

Dholpur News। जम्मू और कश्मीर समेत देश के उत्तरी इलाकों में हो रही बर्फवारी कर असर मैदानी इलाकों तक आ पहुंंचा है। जनपद में बर्फीली हवाओं ने लोग परेशान हैं। वहीं,रही सही कसर बेमौसम बरसात तथा कोहरे ने पूरी कर दी है। सर्दी के सितम से बचने के लिए लोग घरों में ही दुबके रहे तथा बाहर निकले लोगों ने अलाव तापकर सर्दी से निजात पाई। उधर,आसमान पर बादल छाए रहने तथा बरसात के कारण आज सूरज के दर्शन नहीं हो सके।
मौसम के जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में सर्दी का जोर और बढेगा। जनपद में बीते तीन दिन से चल रहा सर्द हवाओं का कहर शनिवार को भी जारी रहा। आज सुबह लोगों का सामना नश्तर चुभोने वाली सर्द हवाओं से हुआ। इसके साथ ही रुक रुक कर होने वाली बरसात से भी सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। तेज सर्दी और बरसात के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। सर्दी से निजात पाने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा भी लिया। सबसे ज्यादा परेशानी हाथ ठेले वाले,मजदूरों तथा छोटे दुकानदारों को हुई। सर्दी के कारण सुबह सैर को जाने वाले लोगों की तादाद भी ना के बराबर रही। सर्दी से बचाव के लिए लोग विन्डचीटर,गर्म दस्ताने,कैप,लोई तथा अन्य गर्म कपडों में ढंके नजर आए तथा रूम हीटर का सहारा भी लिया। शाम ढलते ही सर्द हवाओं के कारण बढी सर्दी से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सर्दी के कारण बाजार भी जल्दी बंद हो गए  तथा लोगों ने अपने घर जाने में ही खैर समझी।
कोरोना काल के साथ साथ अब मौसम का मिजाज बदलने तथा सर्दी में बढोतरी होने के कारण बाजार शाम होते ही सूने नजर आए। उधर, तेज सर्दी और बेमौसम बरसात तथा कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पडा तथा ट्रेनें कई घंटे की देरी से चलीं। ट्रेनों के लेट होने के कारण रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पडा। बेमौसम बरसात के संबंध में खेती किसानी के जानकारों का कहना है कि इससे फसल को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। किसानों का कहना है कि इस हल्की बरसात से गेंहू और सरसों की फसल को लाभ मिलेगा।