विश्व प्रसिद्ध बीकानेर की भुजिया और रसगुल्ला व्यवसाय को झटका अब दिल्ली से जारी होंगे लाइसेंस

Bikaner News । देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी ख्याति अर्जित कर चुके राजस्थान में बीकानेर के सूक्ष्म और लघु उद्योग रसगुल्ला, भुजिया, पापड़ और बड़ी व्यवसाय को जोरदार झटका लगा है अब इन प्रतिष्ठानों के लिए केंद्र सरकार के अधीन रहना होगा नए नियम के तहत अब इन
प्रतिष्ठान के लिए अनुज्ञापत्र अब दिल्ली से जारी होने के केंद्र सरकार ने आदेश दिए हैं। इस आदेश के साथ ही अब व्यापारियों में खासा आक्रोश फैल रहा है। उनका कहना है जब प्रतिष्ठान बीकानेर में है तो अनुज्ञापत्र भी यहीं से जारी होने चाहिए। इसको लेकर व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को पत्र भी लिखा है कि अनुज्ञापत्र दिल्ली से जारी होना सूक्ष्म व लघु व्यवसाय के लिए अन्याय है। साथ ही यदि यह आदेश लागू होता है तो लघु व सूक्ष्म व्यवसाय की पूरी तरह से कमर टूट जाएगी।

उल्लेखनीय है कि विश्वप्रसिद्ध रसगुल्ला, भुजिया, पापड़, बड़ी का व्यवसाय बीकानेर में है जिससे हजारों परिवार जुड़े हुए हैं किंतु अब इस पर केंद्र सरकार की ओर से रेडी टू इट कैटेगरी उद्योग के खाद्य सुरक्षा अनुज्ञा पत्र (फूड लाईसेंस) दिल्ली से जारी होने की प्रक्रिया के निर्देश दिए हैं। हालांकि यह प्रक्रिया नवम्बर से शुरु हो जाएगी लेकिन व्यापारियों ने इसे रुकवाने को लेकर केंद्रीय मंत्री मेघवाल से बातचीत कर यथावत रखने की गुहार लगायी है। विदित रहे कि वर्तमान में इन उद्योगों को लेकर लाईसेंस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी किया जाता रहा है लेकिन अब रेडी टू इट फूड को प्रोपाइटरी फूड के अंतर्गत सम्मिलित कर दिया गया है। उधर बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल, जिला उद्योग संघ, बीकानेर भुजिया-पापड़ मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि एक ओर जहां कोरोना महामारी के चलते पहले से ही व्यवसायी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे है इसमें उनकी मदद के लिए आगे आने की बजाय केंद्र सरकार ने बीकानेर के उक्त प्रोडक्ट्स को प्रोपाइटरी फूड के अंतर्गत लेकर बीकानेर से जारी होने वाले फूड लाईसेंस की बजाए एक नवम्बर से प्रक्रिया को बदल इसे दिल्ली से जारी करने के निर्णय से जख्मी व्यवसायियों के घाव में घोबे का काम किया है।

व्यापार उद्योग मंडल का यह कहना

पहले कोरोना से आर्थिक संकट से जूझ रहे और अब फूड लाईसेंस के आदेशों से भारी संकट बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के संरक्षक कन्हैयालाल बोथरा, अध्यक्ष रघुराज सिंह राठौड़, उपाध्यक्ष अनिल सोनी झूमरसा, जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष डी.पी.पचीसिया, बीकानेर भुजिया पापड़ मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वेदप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि बीकानेर के भुजिया, रसगुल्ला, पापड़, बड़ी व्यवसाय से न केवल व्यवसायियों को ही लाभ हो रहा है बल्कि इससे मिलने वाले रोजगार से बीकानेर में लगभग एक लाख से भी अधिक परिवार चल रहे हैं। जो पहले से ही कोरोना की चपेट में है और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। इन हालातों में ऐसे नियम लागू करने से व्यापारियों पर एक ओर भारी संकट उत्पन्न हो जाएगा।

केंद्र सरकार की ओर से यह है आदेश

फासी द्वारा अब जो food लाइसेंस अब तक बीकानेर में बनता था वह अब 21 अक्टूबर 2020 तक ही बीकानेर में बनेगा, उसके बाद 10 दिन तक साइट बंद रहेगी उसके बाद 1 नवंबर 2020 से यह लाइसेंस दिल्ली से बनवाना पड़ेगा ,जो पुराने लाइसेंस बने हुए हैं उनको 31 दिसंबर 2020 तक दिल्ली में रिन्यू करवाना होगा।

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