राजस्थान के 33 जिलों में 33 लाख गायों के गोबर से बने दीपक दीवाली पर कराएंगे उपलब्ध

Bikaner news । राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के आह्वान पर गौमय कामधेनु दीपावली महायज्ञ अभियान के तहत राजस्थान के 33 जिलों में 33 लाख गायों के गोबर से बने दीपक लोगों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। गौमय दीपावली से घर का वातावरण शुद्ध होगा और गौ माता के प्रति आमजन में श्रद्धा का भाव उत्पन्न होगा। इको फ्रेंडली दीपावली मनाने से स्वदेशी अभियान को बल मिलेगा।


बीकानेर गौशाला संघ के अध्यक्ष सूरजमाल सिंह नीमराना ने बताया कि आयोग के आह्वान पर रविवार को बीकानेर गोशाला संघ व तुलसी गोशाला की ओर से गौमय कामधेनु दीपावली महायज्ञ अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर महंत रामेश्वरानंद महाराज, संवित सुबोधगिरी महाराज व महामंडलेश्वर सरजूदास महाराज, मेयर सुशीलाकंवर राजपुरोहित व उपमहापौर राजेन्द्र पंवार भी उपस्थिति थे। 

गोशाला संघ अध्यक्ष ने बताया कि यह दीपक दो प्रकार के होंगे। एक दीपक जो तेल से जला कर सामान्य दीपक की तरह उसे घर में सजाया जाएगा, दूसरा दीपक घर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए हवन सामग्री के साथ बना होगा, उस दीपक को देसी घी से जलाया जाएगा, उससे घर का वातावरण शुद्ध होगा। इस दीपक के जलने से घर में हवन की खुशबू महकेगी। जिससे घर के वातावरण को पटाखों की गैस को कम करने में सहायक होगी। इस शुद्ध देसी गाय के गोबर से बने दीपक में गोबर के साथ गोंद का उपयोग किया गया है।

इसमें 40 प्रतिशत ताजा गोबर और 60 प्रतिशत सूखा गोबर गोंद के साथ मिलाकर यह दीपक बनाए गए हैं। गोबर के साधारण दीपक की कीमत 2 रुपए व हवन सामग्री मिलाकर बनाए गए शुद्ध गोबर के दीपक की कीमत 5 रुपए है। गोबर के दीपक के साथ-साथ गोबर से लक्ष्मी-गणेशजी की प्रतिमा भी बनाई गई है। लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा की कीमत 31 रुपए रखी गई है।
इस अवसर पर संवित सुबोधगिरी महाराज, महामंडलेश्वर सरजूदास महाराज और महंत रामेश्वरानंद महाराज ने सभी सनातन धर्मियों से गाय के गोबर से बने दीपक जलाने का आह्वान किया। इस अवसर पर गोशाला संघ के महामंत्री निरंजन सोनी, आयोजन संयोजक अरविन्द ऊभा सहित कई जने मौजूद रहे। 

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