गहलोत सरकार ने सरपंचों से छीने वित्तीय अधिकार,सपने हुए धराशाही,21 को प्रदेश की पंचायतो में तालाबंदी

ashok gehlot
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Bhilwara News। राजस्थान में गांव की सरकार पंचायत समितियों और पंचायतों के मुखिया सरपंच गांव का राजा होता है और सरपंच बनने के लिए राजस्थान में कई जगह तो खून खराबा तक हो जाता है तो वहीं दूसरी ओर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं इसी आशा उम्मीद और सपनों के लेकर कि वह सरपंच बनने के बाद करोड़ों की पंचायतों से लाखों रुपए की कमाई करेंगे अर्थात गांव के विकास के साथ-साथ खुद का भी विकास करेंगे।

लेकिन कांग्रेस की गहलोत सरकार ने सरपंचों के इन सपनों को चकनाचूर करते हुए किए जाने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए अब सीधे ही पंचायतों खातों में पीडीएफ से राशि डालकर सरपंचों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है ।

गहलोत सरकार के इस आदेश से राजस्थान के करीब 11000 सरपंच छटपटा रहे हैं और आगामी 21 जनवरी को राजस्थान की सभी पंचायतों पर इस आदेश को लेकर विरोध स्वरूप तालाबंदी करने का ऐलान किया है ।

सरकार ने काट दिए सरपंचो के पंख

गांव के मुखिया यानि सरपंचो से राज्य सरकार ने वित्तीय अधिकार छीन लिए है यानि अब सरपंचों को पंचायतों के विकास कार्यों के लिए पैसा खर्च करने का अधिकार नहीं होगा तथा अब पंचायतों के पैसों का हिसाब किताब वित्त विभाग के पास होगा और वित्त विभाग सभी पंचायतों के लिए पीडी अकाउंट खोल रहा है। सरपंच को इन्ही अकाउंट से पैसा विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा।।

अब यह नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के अनुसार अब पंचायतों का पैसों पर कोई कंट्रोल नहीं होगा। सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी अकाउंट खोले है, जो वित्त विभाग के कंट्रोल में होगा और सरपंचों को पंचायत के विकास कार्यों के लिए वित्त विभाग से पैसा लेना होगा अर्थात अब सरपंच खुद पैसा खर्च नहीं कर पाएगा और न ही मनमानी कर पाएगा

पहले यह थी व्यवस्था

प्रदेश की प्रत्येक पंचायत में विकास कार्यों के लिए सरकार स्टेट फाईनेंस कमीशन से सीधा पंचायतों के खातों में पैसा ट्रांसफर करती थी और यह राशि साल में दो किश्तो के रूप में पंचायतों के खातों में दी जाती थी। मध्यम पंचायतों में 10—10 लाख और बड़ी पंचायतों के लिए 15—15 लाख की दो किश्तों में पैसा दिया जाता था। पंचायत में विकास कार्यों के लिए सरपंच पंचायत के बैंक अकाउंट से पैसा खर्च करते थे तथा सरपंचों को खातों के ब्याज की राशि मिल जाती थी, लेकिन अब नहीं मिलेगी ।

 

केन्द्र सरकार का पैसा भी अब..

पंचायतों के विकास के लिए राज्य सरकार की तरह केंद्र सरकार भी र्फोटिन फाईनेंस कमीशन का पैसा पंचायतों के खातों में डालती थी,लेकिन अब ये राशि भी सीधा पीडी अकाउंट में डाली जाएगी। केंद्र सरकार मध्यम पंचायतों के लिए 10—10 लाख और बड़ी पंचायतों के लिए 15—15 लाख की दो किश्ते ट्रांसफर की जाती थी । वित्त विभाग ने अब तक 8 हजार पंचायतों के पीडी खाते खोल दिए हैं ।

 

सरपंच करेगे अब यह

सरकार के इस फैसले के बाद सरपंच सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। 13 जनवरी को सभी पंचायत मुख्यालयों पर कलक्टर को ज्ञापन दिए जाएंगे और 21 जनवरी को सभी 11344 पंचायतों पर तालाबंदी करेंगे।