भीलवाडा से विधायक जाट को मंत्रिमंडल व राजनैतिक नियुक्ति से किया दूर, धीरज की संभावना

Bhilwara News ।  राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल मैं होने वाले विस्तार या राजनीतिक नियुक्तियां मैं बोर्ड निगम के अध्यक्ष को लेकर जिले से एकमात्र कांग्रेसी विधायक तथा पूर्व मंत्री और किसान नेता के रूप में जाने जाने वाले रामलाल जाट को मंत्री पद या बोर्ड निगम अध्यक्ष पद बनने की संभावनाए खत्म हो गई है । वहीं दूसरी ओर अब जहाजपुर से कांग्रेस टिकट पर चुनाव हारने वाले युवा नेता धीरज गुर्जर के बोर्ड निगम अध्यक्ष बनने की संभावनाएं बन रही है ।

भीलवाड़ा जिले की 7 विधानसभाओं में से एकमात्र कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री तथा किसान नेता के रूप में राजस्थान में जाने जाने वाले रामलाल जाट का कैलाश त्रिवेदी के निधन के बाद मंत्री या किसी बोर्ड में अध्यक्ष बतौर राज्यमंत्री के रूप में बनने की अटकलें और संभावनाएं बढ़ गई थी लेकिन कल रात को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की की गई नई टीम की घोषणा में रामलाल जाट को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही जाट को मंत्री पद मिलना या फिर किसी बोर्ड निगम में अध्यक्ष बनने की संभावनाएं बिल्कुल समाप्त हो गई है।

दूसरी ओर जहाजपुर से कांग्रेस का चुनाव हारने वाले तथा पूर्व विधायक और राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सचिव धीरज गुर्जर को अब राजनीतिक नियुक्तियों में किसी बोर्ड या निगम में अध्यक्ष (राज्यमंत्री का दर्जा )मिलने की संभावनाएं बढ़ गई है क्योंकि धीरज गुर्जर गांधी परिवार के राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के करीबी माने जाते हैं साथ ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चले दंद्द युद्ध और राजनीतिक बगावत के दौर के दौरान भी धीरज गुर्जर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे में जाकर गहलोत की बुक में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी थी ।