भीलवाड़ा में रावणा राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर पंजीयन जारी 

Bhilwara News रावणा राजपूत समाज के आगामी मई माह में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर विवाह योग्य युवक व युवतियों का परिचय सम्मेलन और पंजीयन का दौर जारी है अब तक 44 युवतियों ने विभाग के लिए पंजीयन कराया है।

भीलवाड़ा में रावणा राजपूत समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर पंजीयन जारी  2

सर्व रावणा राजपूत सेवा संस्थान जिलाध्यक्ष भँवर सिंह भाटी ने बताया कि रावणा राजपूत समाज का सामूहिक विवाह सम्मेलन 15 मई 2021 को होना है जिसके तहत हर रविवार को सुबह 10 बजे 01 बजे तक समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों का पंजीयन किया जा रहा है। समाज के अविवाहित युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन 7 फरवरी 2021 को आयोजित किया जाएगा। सीकर जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह आये और उन्होंने समाज के भवन का अवलोकन किया। इसके पश्चात हाइफा हीरो भवन में बैठक का आयोजन किया जिसमें सामूहिक विवाह सम्मेलन की तैयारियों के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की।

 

सीकर जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि भीलवाड़ा रावणा राजपूत समाज द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन व परिचय सम्मेलन किया जा रहा है वो एक अच्छी पहल है इससे समाज के युवक-युवतियों के सगाई संबंध होने में मदद मिलेगी।  समाजबंधु कम खर्च में अपने विवाह योग्य लड़के-लड़के का विवाह कर सकते है साथ ही रावणा राजपूत समाज द्वारा जोधड़ास में निर्माणाधीन भवन के निर्माण में अपना स्वेच्छिक योगदान देने सकते है।

 

पूर्व महिला जिलाध्यक्ष निशा कँवर गौड़ ने बताया कि आज 23 युवक-युवतियों ने परिचय सम्मेलन के लिए अपना पंजीयन करवाया। पूर्व में 21 युवक-युवतियों के पंजीयन हो चुका है। उन्होंने ये भी बताया कि विवाह सम्मेलन को लेकर भीलवाड़ा जिले के अलावा अन्य जिलों से भी पंजीयन करवाया जा रहा है। विवाह सम्मेलन को लेकर समाजबन्धुओ में उत्साह है और परिचय सम्मेलन व सामूहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।

 

इस दौरान संस्थान कोषाध्यक्ष बाबू सिंह राणावत, श्याम सिंह खैराबाद, पीरू सिंह गौड़, जगपाल सिंह पँवार, मंजू कँवर, छोटू सिंह राजावत,  सुरेश सिंह सिसोदिया, लादू सिंह भाटी, धर्मेश गहलोत, शिवम भाटी, नंदकिशोर भाटी, गजेंद्र सिंह, कान सिंह चौहान, रतन सिंह पँवार, शंकर सिंह, बनवारी सिंह, कुलदीप सिंह, नारायण सिंह, भँवर सिंह,  सहित समाज के कार्यकर्ता मौजुद थे।