भीलवाडा यूआईटी का मामला एनजीटी ने भीलवाड़ा कलेक्टर नकाते को याचिका पर किया नोटिस जारी

bhilwara UIT

Bhilwara News । भीलवाड़ा के नगर विकास न्यास के अधिकारियों ने उद्यानों के लिए बने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए मानसरोवर झील के पास बने दो उद्यानों के पेड़ों को काटते हुए एक उद्यान की बाउंड्री तोड़कर भ्रष्टाचार कर भू माफियाओं को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से 3 लाख 17 हजार वर्ग फिट भूमि के कमर्शियल व आवासीय भूखंड बनाकर आवंटित कर दिए।

भीलवाड़ा निवासी पर्यावरणविद् बाबूलाल जाजू की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोन बेंच भोपाल में उद्यानों में भूखंड बनाने के मामले में अधिवक्ता अक्षय राठौड़ के मार्फत दायर जनहित याचिका पर न्यायाधिपति श्यो कुमार सिंह व एक्सपर्ट मेंबर डॉ सत्यवान सिंह गर्ब्याल ने भीलवाड़ा जिला कलेक्टर, नगर विकास न्यास व नगर परिषद भीलवाड़ा को नोटिस जारी कर 24 फरवरी 2021 को जवाब तलब किया है।

जाजू ने दायर जनहित याचिका में बताया कि स्वीकृत लेआउट प्लान 22.5.2009 में बताए गए उद्यानों में न्यास द्वारा जनता की गाढ़ी कमाई का धन खर्च कर बाउंड्री, फुटपाथ, रेलिंग बनाकर व पेड़ लगाकर लाखों रुपए खर्च कर दिए तथा लगाए गए पौधे बड़े होने के बाद में काट दिए व बाउंड्री तोड़ दी। उक्त उद्यान पर्यावरण की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण होकर मानसरोवर झील पर प्रातः व साय भ्रमणार्थीयो, आसपास के कॉलोनी वासियों व औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों को प्राणवायु प्रदान कर रहे थे।

जाजू की जनहित याचिका में उद्यानों को बर्बाद करने वाले अधिकारियों से पेड़ों की कटाई व बाउंड्री तोड़ने से होने वाले नुकसान की भरपाई करने व वापस बाउंड्री बनवाने, पौधे लगाने व रखरखाव व्यवस्था करवाने तथा नियम विरुद्ध भूखंड बनाने व आवंटन करने वाले दोषी अधिकारियों को दंडित करने की गुहार की है।

उल्लेखनीय है कि बड़े उद्यान में से 2 लाख 5 हजार 504 वर्ग फ़ीट व छोटे उद्यान की 1 लाख 18 हजार 47 वर्ग फिट भूमि भूखंड बनाकर आवंटित की गई है।